मुंगराबादशाहपुर। चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को काफी पीछे छोड़ दिया है। नवंबर-दिसंबर में चांदी की कीमत में 99,235 प्रति किलोग्राम की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। एक साल में चांदी ने 155.6 फीसदी का रिटर्न दिया है, जो सोने के 82.3 फीसदी रिटर्न के मुकाबले काफी ज्यादा है। डॉलर की कमजोरी, वैश्विक औद्योगिक मांग (विशेषकर सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स) और त्योहारी सीजन ने कीमतों को बढ़ावा दिया है। मौजूदा वक्त में महिलाएं स्टाइलिश चांदी के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहीं हैं। पुरुष निवेशक चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। आगामी विवाह सीजन के कारण कीमतों में और मजबूती आ सकती है। सराफा बाजार की रिपोर्ट दर्शाती है कि चांदी का यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग में वृद्धि और डॉलर की कमजोरी के कारण है। चीन द्वारा 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर सख्त नियंत्रण (लाइसेंस-आधारित प्रणाली) लागू करने से वैश्विक आपूर्ति पर दबाव आ सकता है, जिससे कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। कुछ विश्लेषकों ने 2026 में चांदी के 3,25,000 से 3,50,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। वैश्विक बाजार में डॉलर की कमजोरी और चीन द्वारा निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों ने चांदी में कमी पैदा कर दी है। इसके अलावा सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग ने आग में घी का काम किया है।