Shramjeevi bomb blast: मौत का मंजर देख कांप उठी थी रूह, धमाके की कहानी..प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
श्रमजीवी विस्फोट कांड के मामले में दोषी करार दिए गए दो आतंकवादियों को दो मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय ने सजा सुनाई।
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हादसा इतना भयावह था कि ट्रेन की बोगियों ने गोल आकार ले लिया था। हर तरफ बस चीख- पुकार मची हुई थी। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया।- जगत कुमार, बछुआर।
दाढ़ी की दुकान है। एक व्यक्ति की सेविंग कर रहे थे, तभी धमाका हुआ था। हाथ से छुरा गिर पड़ा था। फिर पता चला कि विस्फोट हुआ है। मौके पर पहुंचा तो वहां पर घायलों की मदद में जुट गया। घटना देखकर कलेजा फट गया था। तत्कालीन डीएम अनुराग यादव भी राहत-बचाव कार्य में जुटे थे। - राधेश्याम शर्मा, तुरकौली।
.घर के बाहर बैठा था। घर रेलवे लाइन के समीप ही है। चाय पीते समय एकाएक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। हाथ से कप गिर पड़ा। मौके पर गया तो कुछ लोग बाहर गिरकर तड़प रहे थे। बहुतों के हाथ-पैर टूट गए थे। - शेषनाथ मिश्र, बछुआर।
धमाके की सूचना पर मौके पर पहुंचकर लोगों की हर संभव मदद कर रहे थे। घायलों को पिकअप पर लादकर सीएचसी सिंगरामऊ पहुंचाया गया था। चाय-पानी की व्यवस्था की गई थी। उस दिन अंधेरा था । मौसम खराब था।- संजय यादव, बछुआर।
साइकिल सीख रहा था। तभी विस्फोट हुआ और गिर पड़ा। घरवाले घटनास्थल पर जाने से मना कर रहे थे परंतु लोगों की पहुंचकर मदद किया। -महेंद्र प्रजापति, बछुआर।
उस दिन की घटना रूह कंपा देती है। दो दिनों तक शवों की शिनाख्त व घायलों की पहचान की जाती रही। ट्रेन हरिहरपुर रेलवे क्राॅसिंग के बीचोबीच खड़ी थी, जिससे एनएच 56 पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। -रमेश चंद्र मिश्र, बछुआर।
यह है मामला
28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ के हरपालगंज हरिहरपुर के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में 12 लोग मरे थे व करीब 62 लोग गंभीर घायल हुए थे। मामले में ट्रेन में बम रखने वाले बांग्लादेशी आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर एवं षड्यंत्र करने वाले आतंकी ओबैदुर्रहमान को वर्ष 2016 में अपर सत्र न्यायाधीश बुधिराम यादव की अदालत में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है जो विचाराधीन है।
शेष दोनों आरोपी बांग्लादेश निवासी हिलालुद्दीन व पश्चिम बंगाल के नफीकुल को दोषी करार दिया गया। सजा के लिए दो जनवरी 2024 की तिथि मुकर्रर की गई थी, लेकिन इस तिथि पर कोर्ट में दंड के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए सजा की तिथि बुधवार यानी आज नियत की गई। इस मामले में वर्ष 2016 में दो आतंकियों को फांसी की भी सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की है, जो विचाराधीन है।
22 दिसंबर 2023 को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की अदालत ने ट्रेन में बम रखने के आरोपी बांग्लादेश निवासी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व विस्फोट में सहयोग के आरोपित नफीकुल विश्वास निवासी बंगाल को हत्या, हत्या के प्रयास विस्फोटक अधिनियम एवं अन्य धाराओं में दोषी करार दिया था। इसके बाद दो जनवरी 2024 को सजा सुनाने की तिथि तय की गई थी।