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बंद रही दुकानें और बाजार, लोगों में दिखी बेपरवाही
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37- बड़ी मस्जिद मोहल्ले में सैनिटाईज स्प्रे का छिड़काव करते नगरपालिका के कर्मचारी।
- फोटो : JAUNPUR
बंद रहीं दुकानें, लोगों में दिखी बेपरवाही
- घरों से बाहर निकलकर घूमते रहे लोग, सिर्फ बिना मास्क वालों को टोक रही थी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। समय बीतने के साथ ही जिस तरह कोरोना के प्रति लोगों की बेपरवाही बढ़ती जा रही है, संपूर्ण बंदी को लेकर भी कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को देखने को मिला। बंदी के चलते बाजार और दुकानें तो बंद रही, लेकिन सड़कों पर बेरोकटोक आवाजाही होती रही। बाइक, साइकिल और चार पहिया वाहनों से लोग शहर की सड़कों पर घूमते रहे। कई जगह झुंड बनाकर वह आपस में बैठकर बातचीत में मशगूल नजर आए। कहीं पर भी कोई उन्हें रोकने की कोशिश करता भी नहीं दिखा।
10 जुलाई की रात से 13 जुलाई की सुबह तक पहली बार लागू 55 घंटे की संपूर्ण बंदी के बाद पूरे शहर में सन्नाटा छाया रहा। लोग घरों से बाहर निकलने में कतराते रहे। वहीं इस बार स्थिति इससे उलट नजर आई। शनिवार को तो भी फिर भी सड़कों पर चहल-पहल कुछ कम थी, मगर रविवार को नजारा सामान्य दिनों की साप्ताहिक बंदी जैसा ही दिखा। बाजार और दुकानें बंद थी। सड़कों पर बेरोकटोक लोग आ जा रहे थे। घरों से बाहर निकलकर जगह-जगह लोग बैठे रहे। ओलंदगंज में कजगांव पड़ाव, फल वाली गली, चहारसू, कसेरी बाजार, कोतवाली, सब्जी मंडी, अटाला मस्जिद, किला रोड पर लोग बेखौफ होकर घूम रहे थे। हालांकि जगह-जगह पुलिसकर्मी तो तैनात रहे, मगर वह भी किसी को रोकने-टोकने की जहमत नहीं उठा रहे थे। सिर्फ उन्हीं लोगों को रोका-टोका जा रहा था, जिनके पास मास्क नहीं था। इस दौरान शहर में नगर पालिका ने कई इलाकों में सैनिटाइजेशन कराया।
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- घरों से बाहर निकलकर घूमते रहे लोग, सिर्फ बिना मास्क वालों को टोक रही थी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। समय बीतने के साथ ही जिस तरह कोरोना के प्रति लोगों की बेपरवाही बढ़ती जा रही है, संपूर्ण बंदी को लेकर भी कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को देखने को मिला। बंदी के चलते बाजार और दुकानें तो बंद रही, लेकिन सड़कों पर बेरोकटोक आवाजाही होती रही। बाइक, साइकिल और चार पहिया वाहनों से लोग शहर की सड़कों पर घूमते रहे। कई जगह झुंड बनाकर वह आपस में बैठकर बातचीत में मशगूल नजर आए। कहीं पर भी कोई उन्हें रोकने की कोशिश करता भी नहीं दिखा।
10 जुलाई की रात से 13 जुलाई की सुबह तक पहली बार लागू 55 घंटे की संपूर्ण बंदी के बाद पूरे शहर में सन्नाटा छाया रहा। लोग घरों से बाहर निकलने में कतराते रहे। वहीं इस बार स्थिति इससे उलट नजर आई। शनिवार को तो भी फिर भी सड़कों पर चहल-पहल कुछ कम थी, मगर रविवार को नजारा सामान्य दिनों की साप्ताहिक बंदी जैसा ही दिखा। बाजार और दुकानें बंद थी। सड़कों पर बेरोकटोक लोग आ जा रहे थे। घरों से बाहर निकलकर जगह-जगह लोग बैठे रहे। ओलंदगंज में कजगांव पड़ाव, फल वाली गली, चहारसू, कसेरी बाजार, कोतवाली, सब्जी मंडी, अटाला मस्जिद, किला रोड पर लोग बेखौफ होकर घूम रहे थे। हालांकि जगह-जगह पुलिसकर्मी तो तैनात रहे, मगर वह भी किसी को रोकने-टोकने की जहमत नहीं उठा रहे थे। सिर्फ उन्हीं लोगों को रोका-टोका जा रहा था, जिनके पास मास्क नहीं था। इस दौरान शहर में नगर पालिका ने कई इलाकों में सैनिटाइजेशन कराया।
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