फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Scam worth Rs 4.5 crore happened under the supervision of suspended CRO

Jaunpur News: निलंबित सीआरओ की देखरेख में ही हुआ साढ़े चार करोड़ का घोटाला

Sat, 12 Oct 2024 03:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 03:19 AM IST
विज्ञापन
Scam worth Rs 4.5 crore happened under the supervision of suspended CRO
मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) गणेश प्रसाद सिंह की देखरेख में ही साढ़े चार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। इसकी पुष्टि शासन स्तर से हुई कार्रवाई से हो गई है। पता चला है कि 14 ग्राम पंचायतों के 46 काश्तकारों को फर्जी तरीके से मुआवजा दिया गया था। इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन

भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में फर्जीवाड़े का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। 2 अगस्त 2024 के अंक में ‘भू-अधिग्रहण में फर्जीवाड़ा : 3.38 की जगह 34 लाख का भुगतान’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर ही जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति कार्यालय पहुंचे। पहले ही दिन उन्होंने कार्यालय से चार फर्जी अभिलेख प्राप्त किए। इससे पता चला कि ढाई करोड़ का फर्जी भुगतान किया गया था। इसके बाद सीडीओ साईं तेजा सीलम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित हुई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ईशिता किशोर और एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया। टीम ने सदर, मड़ियाहूं, मछलीशहर, बदलापुर में चल रहे भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की जांच की और पाया कि 14 ग्राम पंचायतों के 46 काश्तकारों को साढ़े चार करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया गया था। प्रशासन का दावा है कि जांच के दौरान बदलापुर के कुछ काश्तकारों के 50 लाख का भुगतान रोक दिया गया था। जिलाधिकारी ने मामले में पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए सीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। अब शासन ने घोटाले के आरोप में सीआरओ को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन


मड़ियाहू तहसील के 12 काश्तकाराें को 1.87 करोड़, बदलापुर तहसील के 28 काश्तकारों को 2.2 करोड़, मछलीशहर के तीन काश्तकारों को 56 लाख, सदर तहसील के तीन काश्तकारों को 84 लाख का भुगतान किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बदलापुर कोतवाली क्षेत्र के पूरामुकुद गांव निवासी राहुल सिंह शिक्षा विभाग में अनुदेशक है। पहले वह एनएच कार्यालय आता था। वह बदलापुर के मिरशादपुर निवासी अपने साथी प्रीतम उर्फ मुलायम के साथ काश्तकारों से डील करता था। भुगतान के लिए कार्यालय प्रभारी (कानूनगो) संतोष तिवारी, अमीन अनिल यादव, ऑपरेटर हिमांशु से मिलकर फर्जी तरीके से फाइल तैयार करते थे। राहुल और प्रीतम ने ही 20 काश्तकारों के नए खाते खुलवाए। खाता खुलवाने के बाद दोनों काश्तकारों से ब्लैंक चेक ले लेते थे। पैसा ट्रांसफर करने बाद उसी दिन चेक लेकर दोनों बैंक के बाहर काश्तकार से रुपये लेने के लिए खड़े रहते थे, जिसमें 30 से 50 फीसदी तक यह तुरंत ले लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed