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संतोष यादव पंचतत्व में विलीन
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:56 AM IST
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रामघाट पर शहीद दरोगा संतोष यादव को मुखाग्नि देते उनके छोटे भाई राय साहब और बेटा निखिल।
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मथुरा में शहीद दरोगा संतोष यादव का अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह 9 बजे के करीब गोमती नदी के किनारे रामघाट पर पूरे सम्मान के साथ किया गया। मुखाग्नि शहीद के भाई राय साहब यादव ने दी। इस मौके मंत्री पारसनाथ के अलावा कई जनप्रतिनिधि, प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारी मौजूद थे।
बता दें कि शहीद दरोगा संतोष यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात में केवटली गांव पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया था। वहां हजारों की संख्या में मौजूद महिला और पुरुषों की आंखों में आंसू छलक पड़े थे।
श्रद्धांजलि और गार्ड आफ आनर के बाद प्रशासन रात में ही अंतिम संस्कार कराना चाह रहा था पर परिवार के लोग मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े थे। सपा के नेता और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें पूरी रात मनाते रहे लेकिन वे लोग टस से मस नहीं हुए।
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कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से फोन कर देर रात में बात की और भरोसा दिलाया कि सीएम शीघ्र ही आएंगे। फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान नगर विधायक नदीम जावेद भी पार्थिव शरीर के पास बैठे रहे।
भोर में भीड़ कम हुई तो प्रशासन ने एक बार फिर प्रयास किया। मंत्री पारसनाथ, आईजी एसके भगत, डीआईजी डा. संजीव गुप्ता, डीएम की काफी मान मनौवल के बाद परिवारवाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। सुबह तकरीबन 6 बजे पार्थिव शरीर लेकर लोग जौनपुर स्थित गोमती नदी के रामघाट के लिए चल पड़े।
अंतिम संस्कार के दौरान डीएम भानुचंद्र गोस्वामी, एसपी रोहन पी कनय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव सपा नेता डा. केपी यादव, सांसद केपी सिंह, राजनाथ यादव, पूर्व एमएलसी लल्लन यादव समाजवादी छात्रसभा के नेता विकास यादव आदि के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासन और पुलिस के तमाम अधिकारी शामिल थे।
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बता दें कि शहीद दरोगा संतोष यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात में केवटली गांव पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया था। वहां हजारों की संख्या में मौजूद महिला और पुरुषों की आंखों में आंसू छलक पड़े थे।
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श्रद्धांजलि और गार्ड आफ आनर के बाद प्रशासन रात में ही अंतिम संस्कार कराना चाह रहा था पर परिवार के लोग मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े थे। सपा के नेता और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें पूरी रात मनाते रहे लेकिन वे लोग टस से मस नहीं हुए।
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कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से फोन कर देर रात में बात की और भरोसा दिलाया कि सीएम शीघ्र ही आएंगे। फिर भी लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान नगर विधायक नदीम जावेद भी पार्थिव शरीर के पास बैठे रहे।
भोर में भीड़ कम हुई तो प्रशासन ने एक बार फिर प्रयास किया। मंत्री पारसनाथ, आईजी एसके भगत, डीआईजी डा. संजीव गुप्ता, डीएम की काफी मान मनौवल के बाद परिवारवाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। सुबह तकरीबन 6 बजे पार्थिव शरीर लेकर लोग जौनपुर स्थित गोमती नदी के रामघाट के लिए चल पड़े।
अंतिम संस्कार के दौरान डीएम भानुचंद्र गोस्वामी, एसपी रोहन पी कनय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव सपा नेता डा. केपी यादव, सांसद केपी सिंह, राजनाथ यादव, पूर्व एमएलसी लल्लन यादव समाजवादी छात्रसभा के नेता विकास यादव आदि के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासन और पुलिस के तमाम अधिकारी शामिल थे।