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Jaunpur News: दीपावली पर लिए थे सैंपल, होली तक भी नहीं आई रिपोर्ट

Thu, 06 Mar 2025 12:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:17 AM IST
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Samples were taken on Diwali, report did not come even till Holi
जौनपुर। खाद्य विभाग ने जिले की अलग-अलग दुकानों से 61 खाद्य पदार्थों के नमूने दिवाली के समय लिए थे। रिपोर्ट होली के बाद तक भी आने की उम्मीद नहीं है। वहीं दो माह पहले लिए 28 नमूनों में 13 मानक पर खरे नहीं उतरे। इस रिपोर्ट से जहां मिलावटखोरी का पर्दाफाश हो रहा है, वहीं विभाग की लेटलतीफी से लोगों के स्वास्थ्य की अनदेखी का भी मुद्दा उठ रहा है। खाद्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में लैब की कमी से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिसंबर और जनवरी में कई दुकानों से बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा और पनीर पकड़ा था। इसके अलावा दूध, तेल समेत अन्य खाद्य पदार्थों के 28 सैंपल जांच के लिए भेजे। इसमें 13 के नमूने फेल हो गए। इनमें पनीर और खोवा की संख्या अधिक है। जांच में पनीर के 8 में से चार , खोवा के 5 में से चार नमूने तथा दूध के पांच नमूने फेल हो गए हैं। ये वे नमूने हैं, जो मिठाई की अलग-अलग दुकानों से संदेह के आधार पर लिए गए हैं। नमूने फेल होने पर अब खाद्य विभाग मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दाखिल किया है। जिले में मिठाई की छोटी-बड़ी करीब 1500 दुकानें हैं। खोवा से बनी मिठाइयां हर जगह बिकती हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन होता ही नहीं है। इसकी पूर्ति के लिए दूसरे शहरों से बड़ी मात्रा में मिलावटी खोवा आता है।
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आधी कीमत पर मिलता है खोवा-खोवा दूध का ठोस पदार्थ है। एक लीटर दूध को वाष्पित होने तक उबालें तो केवल 200 ग्राम ठोस पदार्थ बचता है, जिसे खोवा कहा जाता है। दूध और कारीगर का खर्च मिलाकर इसका खर्च 550 से 600 रुपये प्रति लीटर आता है, जबकि बाजार में यह 280 से 320 रुपये किलो मिलता है। होली और दीपावली के समय इसकी बिक्री अधिक होती है।
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त्योहारों में बढ़ जाता है दूध का दाम-लगन और विशेष त्योहारों में दूध की खपत अधिक होने के कारण दाम भी बढ़ जाता है। ऐसे में मांग अधिक होने से केमिकल मिश्रित दूध बाजारों में आयात किया जाता है। रंग सामान्य होने से लोगों को समझ में नहीं आता है। मिलावटी दूध सेहत को नुकसान पहुंचाता है।
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लैब की की कमी से रिपोर्ट में देरी-खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूरे प्रदेश में कुल पांच लैब हैं। यहां जांच के लिए नमूनों को भेजा जाता है। सभी 75 जिलों से नमूने जाने के कारण जांच में देरी होती है। इसलिए रिपोर्ट में देरी होती है।

होली के पहले अभियान चलाएंगे। दुकानदार मिलावट करते पाया गया तो उसका सामान जब्त करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा करेंगे। सेहत से खिलवाड़ होने नहीं दिया जाएगा। - देवाशीष उपाध्याय, सहायक खाद्य उपायुक्त, जौनपुर
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