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विशेष सचिव के सामने ही भिड़ गए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Thu, 09 Apr 2015 11:48 PM IST
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लोहिया गांव की जांच करने पहुंचे विशेष सचिव पंचायती राज विमल चंद्र श्रीवास्तव के सामने ही ग्रामीण आपस में भिड़ गए। मारपीट की नौबत आते देख अधिकारी भी सकते में आ गए।
ब्लाक के अधिकारियों ने बीच बचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया। अधिकारी आनन फानन में कोरम पूरा कर वापस हो लिए।
विशेष सचिव पंचायती राज विमल चंद्र श्रीवास्तव गुरुवार को बक्शा ब्लाक के लोहिया गांव खमपुर में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए पहुंचे थे। उनके साथ सीडीओ, डीडीओ और जिले के अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ब्लाक के
भी सभी अधिकारी मौजूद थे। विशेष सचिव ने पहले प्राथमिक विद्यालय पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी। चौपाल में मौजूद लोगों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली मे धांधली की शिकायत की। चंद्रावती ने कहा कि उनके पास
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अंत्योदय कार्ड है फिर भी तीन लीटर मिट्टी का तेल और एक किलो नमक के लिए 70 रुपये लिया जाता है। इसपर विशेष सचिव ने बीडीओ और सप्लाई इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि व्यवस्था ठीक कराएं। चौपाल में लोगों की समस्या
सुनने के बाद विशेष सचिव दलित बस्ती में पहुंचे यहां शौैचालय और लोहिया आवास अधूरे पड़े थे। पंचायत सचिव ने बताया कि खमपुर में 361 शौचालय का निर्माण होना है। 47 शौचालय अभी अधूरे हैं।
इस पर गांव के कुछ लोगों ने एतराज जताते हुए कहा कि पंचायत सचिव झूठ बोल रहे हैं। यादव बस्ती में भी तमाम शौचालय अधूरे पड़े हैं। इसी बात पर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। सचिव के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई।
बीडीओ और ब्लाक के कर्मचारियों ने बीच बचाव किया लेकिन मामला नाजुक होता देख अधिकारी वहां से वापस होना ही उचित समझे। पुलिस भी मौके पर नहीं थी। विशेष सचिव का कार्यक्रम होने के बाद भी सुरक्षा के नाम पर वहां किसी होमगार्ड की भी तैनाती नहीं की गई थी। सूचना पर दो घंटे बद थानाध्यक्ष केके चौबे मौके पर पहुंचे।
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ब्लाक के अधिकारियों ने बीच बचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया। अधिकारी आनन फानन में कोरम पूरा कर वापस हो लिए।
विशेष सचिव पंचायती राज विमल चंद्र श्रीवास्तव गुरुवार को बक्शा ब्लाक के लोहिया गांव खमपुर में हुए विकास कार्यों की जांच के लिए पहुंचे थे। उनके साथ सीडीओ, डीडीओ और जिले के अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ब्लाक के
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भी सभी अधिकारी मौजूद थे। विशेष सचिव ने पहले प्राथमिक विद्यालय पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी। चौपाल में मौजूद लोगों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली मे धांधली की शिकायत की। चंद्रावती ने कहा कि उनके पास
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अंत्योदय कार्ड है फिर भी तीन लीटर मिट्टी का तेल और एक किलो नमक के लिए 70 रुपये लिया जाता है। इसपर विशेष सचिव ने बीडीओ और सप्लाई इंस्पेक्टर को निर्देश दिया कि व्यवस्था ठीक कराएं। चौपाल में लोगों की समस्या
सुनने के बाद विशेष सचिव दलित बस्ती में पहुंचे यहां शौैचालय और लोहिया आवास अधूरे पड़े थे। पंचायत सचिव ने बताया कि खमपुर में 361 शौचालय का निर्माण होना है। 47 शौचालय अभी अधूरे हैं।
इस पर गांव के कुछ लोगों ने एतराज जताते हुए कहा कि पंचायत सचिव झूठ बोल रहे हैं। यादव बस्ती में भी तमाम शौचालय अधूरे पड़े हैं। इसी बात पर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। सचिव के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई।
बीडीओ और ब्लाक के कर्मचारियों ने बीच बचाव किया लेकिन मामला नाजुक होता देख अधिकारी वहां से वापस होना ही उचित समझे। पुलिस भी मौके पर नहीं थी। विशेष सचिव का कार्यक्रम होने के बाद भी सुरक्षा के नाम पर वहां किसी होमगार्ड की भी तैनाती नहीं की गई थी। सूचना पर दो घंटे बद थानाध्यक्ष केके चौबे मौके पर पहुंचे।