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कक्ष्ाा में सीट नहीं होने पर छात्राओं का हंगामा
Updated Fri, 28 Aug 2015 12:41 AM IST
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टीडी कालेज में छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी अनिवार्य करने से समस्या खड़ी हो गई है। कक्षा में बैठने के लिए सीट नहीं मिलने पर गुरुवार को छात्राओं ने हंगामा करते हुए प्राचार्य का घेराव कर कक्षा में बैठने के लिए सीट उपलब्ध कराने की
मांग की। वहीं दूसरी तरफ स्नातक में सीट बढ़ाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोग टीडी कालेज गेट पर अनशन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक सीटें नहीं बढ़ाई जाती अनशन जारी रहेगा।
गुरुवार को प्राचार्य और अभाविप के पदाधिकारियों के बीच काफी देर तक वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। कालेज प्रशासन ने पीजी के सभी विषयों में 33 फीसदी सीटें बढ़ा दिया है।
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यूजी में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण सीटें बढ़ाने के लिए कालेज किसी हालत में तैयार नहीं है। गुरुवार को दोपहर में करीब पचास की संख्या में छात्राएं प्राचार्य कार्यालय पहुंच गईं।
प्राचार्य डा. राकेश सिंह से छात्राओं ने बताया कि कक्षा में बैठने के लिए सीट नहीं है। इससे उन्हें कक्षा में खड़ी होकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्राचार्य ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का निस्तारण शीघ्र कर दिया जाएगा।
जिस पर छात्राएं शांत होकर लौट गई। उधर, सीट बढ़ाने के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और प्राचार्य के बीच दो घंटे तक वार्ता चली। अभाविप ने 11 सूत्री मांग पत्र प्राचार्य को सौंपा। प्राचार्य ने उसने से दस मांगों को
मान लिया। 11 वीं मांग यूजी में सीट बढ़ाने की थी। जिस पर प्राचार्य ने कहा कि स्नातक कक्षाओं में पहले से ही छात्रों की संख्या इतनी अधिक है कि कक्षा में बैठने की जगह नहीं है।
यूजीसी के मानक के अनुरूप किसी भी कक्षा में 80 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। जब कि पहले से ही सभी कक्षाओं में मानक से अधिक छात्रों का दाखिला हो चुका हैं।
प्राचार्य ने पठन पाठन में सभी से सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर चीफ प्राक्टर डा. कपिल देव सिंह, डा. विजय सिंह, डा. पीएल टाम्टा, डा. प्रदीप सिंह, सीओ सिटी आदि मौजूद थे।
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मांग की। वहीं दूसरी तरफ स्नातक में सीट बढ़ाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोग टीडी कालेज गेट पर अनशन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक सीटें नहीं बढ़ाई जाती अनशन जारी रहेगा।
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गुरुवार को प्राचार्य और अभाविप के पदाधिकारियों के बीच काफी देर तक वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकला। कालेज प्रशासन ने पीजी के सभी विषयों में 33 फीसदी सीटें बढ़ा दिया है।
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यूजी में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण सीटें बढ़ाने के लिए कालेज किसी हालत में तैयार नहीं है। गुरुवार को दोपहर में करीब पचास की संख्या में छात्राएं प्राचार्य कार्यालय पहुंच गईं।
प्राचार्य डा. राकेश सिंह से छात्राओं ने बताया कि कक्षा में बैठने के लिए सीट नहीं है। इससे उन्हें कक्षा में खड़ी होकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। प्राचार्य ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का निस्तारण शीघ्र कर दिया जाएगा।
जिस पर छात्राएं शांत होकर लौट गई। उधर, सीट बढ़ाने के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और प्राचार्य के बीच दो घंटे तक वार्ता चली। अभाविप ने 11 सूत्री मांग पत्र प्राचार्य को सौंपा। प्राचार्य ने उसने से दस मांगों को
मान लिया। 11 वीं मांग यूजी में सीट बढ़ाने की थी। जिस पर प्राचार्य ने कहा कि स्नातक कक्षाओं में पहले से ही छात्रों की संख्या इतनी अधिक है कि कक्षा में बैठने की जगह नहीं है।
यूजीसी के मानक के अनुरूप किसी भी कक्षा में 80 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। जब कि पहले से ही सभी कक्षाओं में मानक से अधिक छात्रों का दाखिला हो चुका हैं।
प्राचार्य ने पठन पाठन में सभी से सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर चीफ प्राक्टर डा. कपिल देव सिंह, डा. विजय सिंह, डा. पीएल टाम्टा, डा. प्रदीप सिंह, सीओ सिटी आदि मौजूद थे।