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रोडवेज को दो नई बसों की सौगात, नेपाल सीमा तक होगा संचालन
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जौनपुर। रोडवेज बसें अब नेपाल तक जाएंगी। जौनपुर रोडवेज डिपो को आजादी के अमृत महोत्सव पर दो बसों की सौगात मिली है।
इन बसों का संचालन स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ठाकुर दयाल सिंह के नाम से होगा। दोनों बसें जौनपुर से शाहगंज, अयोध्या, गोंडा, बहराइच होते हुए नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा, नेपालगंज तक जाएगी। इस रूट पर बसों का संचालन नहीं हो रहा था।
जौनपुर डिपो से प्रतिदिन 81 बसें संचालित होती है। दो नई बसें मिलने से अब कुल बसों की संख्या 83 हो गई है। जौनपुर से गोंडा, बहराइच तक सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इस रूट पर दो नई बसें आने से लोगों की यात्रा सुगम हो जाएगी। यह बसें स्वतंत्रता सेनानी अमर वीर ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी के नाम से चलाई जा रही है। उनके नाम का बोर्ड भी बसों पर शीघ्र टंग जाएगा। अमृत महोत्सव के तहत सरकार ने सेनानियों के नाम से बसों के संचालन का एलान किया था।
वीरता के किस्से का गवाह है सेनापुर
केराकत तहसील का सेनापुर गांव ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी की वीरता का गवाह है। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में यहां 22 रणबांकुरों को फांसी दी गई थी। मेरठ में भड़की चिंगारी पूर्वी उत्तर प्रदेश में आग बनकर धधकने लगी थी। बनारस में जून माह में कंपनी के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ तो उसकी खबर जौनपुर पहुंची। डोभी और चौदह कोस में फैले कटेहर क्षेत्र के रघुवंशियों ने अपनी सेना गठित की। उन्होेंने अंग्रेजों को वाराणसी के बावनबीघा तक खदेड़ दिया और वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर कब्जा कर लिया। नील गोदाम भी उनके कब्जे में आ गया। बाद में अंग्रेजों ने समझौते के बहाने सेनापुर में पंचायत बुलाई। डोभी के 22 क्रांतिवीरों को गिरफ्तार कर फांसी दी गई। फांसी पर लटकाने के बाद अंग्रेजों ने उन पर गोलियां चलाईं। ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी भी उनमें से एक थे।
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जौनपुर रोडवेज को शासन से दो नई बसें मिली है जिसका संचालन शुरू कर दिया गया है। ये बसें अमर वीर ठाकुर दयाल सिंह के नाम से चलाई जा रही है। अब कुल बसों की संखी 83 हो गई है। -विश्राम, एआरएम
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इन बसों का संचालन स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ठाकुर दयाल सिंह के नाम से होगा। दोनों बसें जौनपुर से शाहगंज, अयोध्या, गोंडा, बहराइच होते हुए नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा, नेपालगंज तक जाएगी। इस रूट पर बसों का संचालन नहीं हो रहा था।
जौनपुर डिपो से प्रतिदिन 81 बसें संचालित होती है। दो नई बसें मिलने से अब कुल बसों की संख्या 83 हो गई है। जौनपुर से गोंडा, बहराइच तक सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इस रूट पर दो नई बसें आने से लोगों की यात्रा सुगम हो जाएगी। यह बसें स्वतंत्रता सेनानी अमर वीर ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी के नाम से चलाई जा रही है। उनके नाम का बोर्ड भी बसों पर शीघ्र टंग जाएगा। अमृत महोत्सव के तहत सरकार ने सेनानियों के नाम से बसों के संचालन का एलान किया था।
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वीरता के किस्से का गवाह है सेनापुर
केराकत तहसील का सेनापुर गांव ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी की वीरता का गवाह है। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में यहां 22 रणबांकुरों को फांसी दी गई थी। मेरठ में भड़की चिंगारी पूर्वी उत्तर प्रदेश में आग बनकर धधकने लगी थी। बनारस में जून माह में कंपनी के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ तो उसकी खबर जौनपुर पहुंची। डोभी और चौदह कोस में फैले कटेहर क्षेत्र के रघुवंशियों ने अपनी सेना गठित की। उन्होेंने अंग्रेजों को वाराणसी के बावनबीघा तक खदेड़ दिया और वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर कब्जा कर लिया। नील गोदाम भी उनके कब्जे में आ गया। बाद में अंग्रेजों ने समझौते के बहाने सेनापुर में पंचायत बुलाई। डोभी के 22 क्रांतिवीरों को गिरफ्तार कर फांसी दी गई। फांसी पर लटकाने के बाद अंग्रेजों ने उन पर गोलियां चलाईं। ठाकुर दयाल सिंह रघुवंशी भी उनमें से एक थे।
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जौनपुर रोडवेज को शासन से दो नई बसें मिली है जिसका संचालन शुरू कर दिया गया है। ये बसें अमर वीर ठाकुर दयाल सिंह के नाम से चलाई जा रही है। अब कुल बसों की संखी 83 हो गई है। -विश्राम, एआरएम