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Jaunpur News: रोडवेज बस के चालक की सेवा समाप्त, सभी भुगतान रोका
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रोडवेज बस बस डिपो में चालक की नौकरी करने वाले ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर करीब सात साल पहले यानी वर्ष 2016 में ही वाहन चलाने में खुद को अक्षम दिखाया था। इसके बाद भी वेतन लेता रहा। इसकी शिकायत पूर्व ग्राम प्रधान ने की तो जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही मिलने पर 21 अगस्त को उसकी सेवा समाप्त कर दी गई।
पूर्व ग्राम प्रधान जीतलाल विश्वकर्मा ने 19 अक्तूबर 2022 को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम लखनऊ से शिकायत की। आरोप लगाया कि मुंगरा बादशाहपुर बस डिपो में नियमित चालक विजय कुमार सरोज धोखाधड़ी करके वर्ष 2016 में मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को अक्षम चालक घोषित करवा लिया। इसके बाद भी वह विभाग के वर्कशाप में रहते हुए विभाग से वेतन ले रहा है। इस पर जांच हुई। आरोप सही पाया गया। ऐसे में क्षेत्रीय प्रबंधक ने चालक विजय कुमार सरोज का समस्त देयक रोकते हुए सेवा समाप्त कर दी। डिपो इंचार्ज पृथ्वी पाल का कहना है पूर्व प्रधान जीत लाल विश्वकर्मा की शिकायत पर आरोपों की जांच के आधार पर विजय सरोज की सेवा समाप्त कर दी गई है। विजय सरोज ने कहा कि यूनियन का लीडर होने के नाते विरोध है और पूर्व प्रधान से जमीनी विवाद भी चल रहा है। सेवा समाप्त किए जाने के मामले को लेकर उचित फोरम में रखा जाएगा।
बाइक का लाइसेंस बना मुसीबत
2016 में दिव्यांग सर्टिफिकेट देकर विजय कुमार सरोज वाहन चलाने में अक्षम हो गया, लेकिन एक दिव्यांग सर्टिफिकेट देने के बाद मोटरसाइकिल का लाइसेंस बनवा कर बड़ी भूल कर दी, जो दिव्यांग हैं, वाहन चलाने में अक्षम है फिर वह मोटरसाइकिल कैसे चला सकता है। यह लाइसेंस विरोधियों के हाथ लग गया और विभाग के पास पहुंच गया। इसके बाद यह कार्रवाई हुई।
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पूर्व ग्राम प्रधान जीतलाल विश्वकर्मा ने 19 अक्तूबर 2022 को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम लखनऊ से शिकायत की। आरोप लगाया कि मुंगरा बादशाहपुर बस डिपो में नियमित चालक विजय कुमार सरोज धोखाधड़ी करके वर्ष 2016 में मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को अक्षम चालक घोषित करवा लिया। इसके बाद भी वह विभाग के वर्कशाप में रहते हुए विभाग से वेतन ले रहा है। इस पर जांच हुई। आरोप सही पाया गया। ऐसे में क्षेत्रीय प्रबंधक ने चालक विजय कुमार सरोज का समस्त देयक रोकते हुए सेवा समाप्त कर दी। डिपो इंचार्ज पृथ्वी पाल का कहना है पूर्व प्रधान जीत लाल विश्वकर्मा की शिकायत पर आरोपों की जांच के आधार पर विजय सरोज की सेवा समाप्त कर दी गई है। विजय सरोज ने कहा कि यूनियन का लीडर होने के नाते विरोध है और पूर्व प्रधान से जमीनी विवाद भी चल रहा है। सेवा समाप्त किए जाने के मामले को लेकर उचित फोरम में रखा जाएगा।
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बाइक का लाइसेंस बना मुसीबत
2016 में दिव्यांग सर्टिफिकेट देकर विजय कुमार सरोज वाहन चलाने में अक्षम हो गया, लेकिन एक दिव्यांग सर्टिफिकेट देने के बाद मोटरसाइकिल का लाइसेंस बनवा कर बड़ी भूल कर दी, जो दिव्यांग हैं, वाहन चलाने में अक्षम है फिर वह मोटरसाइकिल कैसे चला सकता है। यह लाइसेंस विरोधियों के हाथ लग गया और विभाग के पास पहुंच गया। इसके बाद यह कार्रवाई हुई।
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