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Jaunpur News: कोहरा शुरू होते ही बढ़ीं सड़क दुर्घटनाएं, तीन साल में नवंबर में 80 मौतें

Thu, 28 Nov 2024 12:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:05 AM IST
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Road accidents increased as soon as fog started, 80 deaths in November in three years
कोहरा शुरू हो चुका है। ऐसे में सुबह और रात में हाईवे के किनारे वाहन चालकों को कुछ दिखाई नहीं देता है। इस वर्ष अब तक कई जिलों में संबंधित विभागों ने पेड़ों की छंटाई, रिफ्लेक्टर, संकेतक आदि ठीक नहीं कराए हैं। इससे हादसे होने का डर बना रहता है। पिछले तीन वर्षों में नवंबर में 80 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है।
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जिले के विभिन्न मार्गों पर होने वाले सड़क हादसों में अक्सर देखा जाता है कि वहां अंधा मोड़ होता है। वहां रिफ्लेक्टर भी नहीं लगा होता है। मोड़ पर अक्सर पेड़ों की डालियां और पत्ते लटकते रहते हैं। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा समिति तो बनाई गई है, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एआरटीओ, पुलिस, यातायात विभाग के अधिकारी शामिल रहते हैं। बावजूद इसके आज तक इन मूलभूत समस्याओं का हल नहीं निकाला जाता है। प्रतिवर्ष चिह्नित होने वाले ब्लैक स्पॉट पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जाता। मड़ियाहूं मार्ग पर रामपुर से जौनपुर तक फोरलेन का काम करीब पूरा होने की ओर है, लेकिन सड़क पर अब तक संकेतक और रिफ्लेकर नहीं लगाए गए। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बदलापुर कस्बे से सटे नेशनल हाईवे-731 पर महीने में दो-चार बड़ी दुर्घटनाएं आम बात है। नवंबर में कोहरे के कारण यह संख्या और बढ़ जाती है। इसका कारण है कि हाईवे पर कहीं भी रोड पर लाइट और संकेतक नहीं है। सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं धनियामऊ से मरगूपुर के बीच होती हैं। दुर्घटना वाले स्थलों पर संकेतक बोर्ड नहीं है। सबसे बड़ी समस्या घनश्यामपुर रोड स्थित अंडरपास पर है, जहां सर्विस रोड पर न तो कोई लाइट है, ना ही संकेतक।
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शाहगंज : जौनपुर मुख्य मार्ग पर सिधाई मोड़, सबरहद मोड़, भरौली मोड़ मजडीहां मोड़, सुल्तानपुर रोड स्थित पक्खनपुर मोड़, सुरिस मोड़, बरदहिया बाजार मोड़, खुटहन रोड स्थित छताई मोड़, निजामपुर मोड़, मडवां मोड़ समेत विभिन्न मार्गों पर अंधे मोड़ पर रिफ्लेक्टर न होने से दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
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