{"_id":"5eac52148ebc3ee0a3019064","slug":"returning-laborers-will-be-registered-will-get-one-thousand-jaunpur-news-vns522887947","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर लौट रहे मजदूरों का होगा पंजीकरण, मिलेंगे एक हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर लौट रहे मजदूरों का होगा पंजीकरण, मिलेंगे एक हजार
विज्ञापन
जौनपुर। रोजगार की तलाश में घर से दूर गए मजदूर लॉक डाउन के बाद घर लौट रहे हैं। इन महजदूरों को दोबारा पलायन से रोकने के लिए सरकार ने उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं से जोड़ने की पहल की है। सभी मजदूरों का भवन एवं सन्निर्माण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें खाते में एक हजार रुपये दिए जाएंगे। मनरेगा के माध्यम से उन्हें जॉब कार्ड बनाकर काम देने की भी व्यवस्था की जाएगी। मजदूर दिवस से शुरू हुई इस प्रक्रिया के पहले दिन ही करीब 216 मजदूरों का पंजीकरण किया गया है। श्रम विभाग सभी क्वारंटीन सेंटर में पहुंचकर यह प्रक्रिया पूरी कराएगा।
हजारों की संख्या में जिले के मजदूर गैर प्रांतों या शहरों में रहते हैं। गांव या आसपास मजदूरी न मिल पाने के कारण वह घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। अब लॉक डाउन ने उनका रोजगार छिना तो वह अपने गांव-घर लौट रहे हैं। मुंबई, गुजरात, दिल्ली से लगातार ऐसे मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। अगले कुछ दिनों में 15 हजार मजदूरों के आने की संभावना जताई जा रही है। घर लौट रहे इन मजदूरों का दोबारा पलायन रोकने के लिए सरकार ने गंभीरता से कदम उठाया है। परदेश से ढेरों दर्द लेकर लौट रहे मजदूरों को फिलहाल जीवन यापन के लिए अन्य पंजीकृत श्रमिकों को एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए उनका पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि पहले दिन खेतासराय के वासुदेव पतेश्वरी गर्ल्स कॉलेज में रखे गए 52, सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज में 42 और इंटर कॉलेज में 6, मो.हसन पीजी कॉलेज में क्वारंटीन में रखे गए 116 मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। कागजी औपचारिकता पूरी करते हुए उनके खाते में इसी माह से एक हजार रुपये भी दिए जाएंगे। उन्हें राशन या भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
17 हजार मजदूरों के खाते में फिर आएंगे एक हजार
जौनपुर। लॉक डाउन के कारण जीवन यापन के लिए अप्रैल में एक-एक हजार रुपये पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों को मई में रुपये भेजने का क्रम शुरू कर दिया गया है। श्रम विभाग की ओर से सभी मजदूरों के खाते में यह धनराशि भेजी जा रही है। जिले में श्रम विभाग के अंतर्गत 17159 मजदूर पंजीकृत हैं। सरकार ने लॉक डाउन अवधि तक उन्हें जीवन यापन के लिए खाते में एक-एक हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है। पिछले माह श्रमिकों को इसका लाभ दिया गया था। मई में भी राशि भेजने का कार्य शुक्रवार से आरंभ हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हजारों की संख्या में जिले के मजदूर गैर प्रांतों या शहरों में रहते हैं। गांव या आसपास मजदूरी न मिल पाने के कारण वह घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। अब लॉक डाउन ने उनका रोजगार छिना तो वह अपने गांव-घर लौट रहे हैं। मुंबई, गुजरात, दिल्ली से लगातार ऐसे मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। अगले कुछ दिनों में 15 हजार मजदूरों के आने की संभावना जताई जा रही है। घर लौट रहे इन मजदूरों का दोबारा पलायन रोकने के लिए सरकार ने गंभीरता से कदम उठाया है। परदेश से ढेरों दर्द लेकर लौट रहे मजदूरों को फिलहाल जीवन यापन के लिए अन्य पंजीकृत श्रमिकों को एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए उनका पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। सहायक श्रमायुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि पहले दिन खेतासराय के वासुदेव पतेश्वरी गर्ल्स कॉलेज में रखे गए 52, सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज में 42 और इंटर कॉलेज में 6, मो.हसन पीजी कॉलेज में क्वारंटीन में रखे गए 116 मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। कागजी औपचारिकता पूरी करते हुए उनके खाते में इसी माह से एक हजार रुपये भी दिए जाएंगे। उन्हें राशन या भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
17 हजार मजदूरों के खाते में फिर आएंगे एक हजार
जौनपुर। लॉक डाउन के कारण जीवन यापन के लिए अप्रैल में एक-एक हजार रुपये पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों को मई में रुपये भेजने का क्रम शुरू कर दिया गया है। श्रम विभाग की ओर से सभी मजदूरों के खाते में यह धनराशि भेजी जा रही है। जिले में श्रम विभाग के अंतर्गत 17159 मजदूर पंजीकृत हैं। सरकार ने लॉक डाउन अवधि तक उन्हें जीवन यापन के लिए खाते में एक-एक हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है। पिछले माह श्रमिकों को इसका लाभ दिया गया था। मई में भी राशि भेजने का कार्य शुक्रवार से आरंभ हो गया है।
विज्ञापन