जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में रेसिस्टिविटी सर्वे (विद्युत प्रतिरोधकता सर्वेक्षण) का प्रशिक्षण दिया गया। बीएचयू वाराणसी के विशेषज्ञों ने रेसिस्टिविटी सर्वे से संबंधित जानकारी छात्रों को दी। कार्यक्रम में भू-भौतिकी विभाग बीएचयू और रज्जू भइया संस्थान के भौतिकी एवं जियोलॉजी विषय के छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस सर्वे का उद्देश्य गंगा के मैदानी भाग में गिरते भूजल स्तर का पता लगाना और इस दिशा में शोध कार्यों को बढ़ावा देना है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह कहा कि गंगा परिक्षेत्र में गिरते भूजल स्तर पर गहन शोध करना समय की आवश्यकता है। बताया कि कुलपति के नेतृत्व में विवि परिसर में प्रदेश के पहले शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है। इसके माध्यम से पूर्वांचल क्षेत्र की जल सहित पर्यावरणीय विषयों पर शोध किया जाएगा। इसके लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी। प्रशिक्षण सत्र में बीएचयू के विशेषज्ञों ने छात्रों को रेसिस्टिविटी सर्वे की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया। उन्होंने डेटा संग्रह, उपकरण संचालन और विश्लेषण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। कहा कि यह आंतरिक संरचना और खनिजों का भी अध्ययन करने में सहायक है। बीएचयू के विशेषज्ञ प्रो.उमाशंकर ने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक अनुभव छात्रों को उनके शोध कार्यों में नई दिशा प्रदान करेंगे। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, प्रो.देवराज, प्रो.प्रमोद यादव, प्रो.सौरभ पाल, प्रो.राजेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।