{"_id":"6776d86f171902a7d400749e","slug":"registration-from-abha-has-not-started-in-the-district-hospital-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-127613-2025-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: जिला अस्पताल में शुरू नहीं हुआ आभा से पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: जिला अस्पताल में शुरू नहीं हुआ आभा से पंजीकरण
विज्ञापन
जौनपुर। जिला अस्पताल में आभा एप से मरीजों के पंजीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ। कतार लगाकर पर्ची मरीज पर्ची बनवा रहे हैं। सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक मरीज कतार में खड़े नजर आते हैं।
सरकार निर्देश है कि अस्पतालों में डाक्टर को दिखाने के लिए आभा एप से पंजीकरण कराकर मरीज डाक्टर को दिखा सकेंगे। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद काउंटर पर टोकन मिलेगा। टोकन दिखा कर अस्पताल में डाक्टर को दिखा सकेंगे। ऐसे में मरीजों को काउंटर पर लाइन लगाकर मरीजों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार के निर्देश के बाद भी अभी तक जिला अस्पताल में आभा एप से पंजीकरण की सुविधा शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। सोमवार और शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रहती है। ऐसे में पर्ची बनवाने काफी फजीहत उठानी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन आनलाइन पंजीकरण अभी तक शुरू नहीं करा पा रहा है। इसे लेकर मरीजों में काफी नाराजगी है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
सुबह आठ बजे ही लग जाती है कतार
अस्पताल के काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए सुबह 8 बजे ही मरीज और तीमारदारों की कतार लग जाती है। दोपहर 1.30 बजे तक काउंटर खुला रहता है। पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को धक्का मुक्की करनी पड़ती है। लंबी कतार लगने पर एक से दो घंटे तक नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है। हर 1000 से 1300 मरीजों का पर्चा बनता है। सोमवार को मरीजों की खासी भीड़ रहती है।
विज्ञापन
आभा एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड मोबाइल एप है जो आपको अपना खुद का स्वास्थ्य खाता बनाने की अनुमति देता है। इसे आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य खाता भी कहा जाता है। यह केंद्रीकृत और सुरक्षित खाता आपके सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड, जैसे कि नुस्खे, लैब रिपोर्ट, डिस्चार्ज सारांश आदि को एक ही स्थान पर संग्रहीत करता है।
अस्पताल में संसाधन और स्टाफ की कमी के कारण आभा एप पर मरीजों के पंजीकरण का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।-- -डा. केके राय, सीएमएस जिला अस्पताल जौनपुर
विज्ञापन
सरकार निर्देश है कि अस्पतालों में डाक्टर को दिखाने के लिए आभा एप से पंजीकरण कराकर मरीज डाक्टर को दिखा सकेंगे। आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद काउंटर पर टोकन मिलेगा। टोकन दिखा कर अस्पताल में डाक्टर को दिखा सकेंगे। ऐसे में मरीजों को काउंटर पर लाइन लगाकर मरीजों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार के निर्देश के बाद भी अभी तक जिला अस्पताल में आभा एप से पंजीकरण की सुविधा शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। सोमवार और शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रहती है। ऐसे में पर्ची बनवाने काफी फजीहत उठानी पड़ती है। अस्पताल प्रबंधन आनलाइन पंजीकरण अभी तक शुरू नहीं करा पा रहा है। इसे लेकर मरीजों में काफी नाराजगी है।
विज्ञापन
सुबह आठ बजे ही लग जाती है कतार
अस्पताल के काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए सुबह 8 बजे ही मरीज और तीमारदारों की कतार लग जाती है। दोपहर 1.30 बजे तक काउंटर खुला रहता है। पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को धक्का मुक्की करनी पड़ती है। लंबी कतार लगने पर एक से दो घंटे तक नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है। हर 1000 से 1300 मरीजों का पर्चा बनता है। सोमवार को मरीजों की खासी भीड़ रहती है।
विज्ञापन
आभा एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड मोबाइल एप है जो आपको अपना खुद का स्वास्थ्य खाता बनाने की अनुमति देता है। इसे आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य खाता भी कहा जाता है। यह केंद्रीकृत और सुरक्षित खाता आपके सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड, जैसे कि नुस्खे, लैब रिपोर्ट, डिस्चार्ज सारांश आदि को एक ही स्थान पर संग्रहीत करता है।
अस्पताल में संसाधन और स्टाफ की कमी के कारण आभा एप पर मरीजों के पंजीकरण का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।