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बिना मान्यता वाले स्कूलों को इस सत्र में मिले छूट
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:45 AM IST
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प्रशासन की सख्ती से गुस्साए बिना मान्यता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय संचालकों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सत्र शुरू होने के तीन महीने बाद ऐसी कार्यवाही कर प्रशासन छात्रों के भविष्य से नाइंसाफी कर रहा है।
उनके समर्थन में इंटर कालेजों के वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक संघ के लोग भी उतर आए हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर ऐसे विद्यालयों को इस सत्र में छूट देने की मांग की।
जिला प्रशासन की सख्ती के बाद सभी विकास खंडों में अभियान चलाकर बिना मान्यता वाले विद्यालयों को बंद कराया जा रहा है। कई विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और करीब एक सौ से अधिक संचालकों को
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नोटिस जारी किया गया है। अब खंड शिक्षा अधिकारी पुलिस बल के साथ ऐसे विद्यालयों को बंद कराने का अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से आक्रोशित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालक बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाए। डीएम को सौंपे गए पत्रक में कहा गया है कि इस साल शिक्षण सत्र अप्रैल से शुरू हो गया
है। छात्रों का नामांकन हो चुका है। वे किताब भी खरीद लिए हैं। ड्रेस भी बनवा लिए हैं ऐसे में जो विद्यालय मानक पूरा करते हैं उन्हें मान्यता दे दी जाए और जो मानक पूरा नहीं कर पाए हैं उन्हें मौका दिया जाए। अगले सत्र से यह
कार्रवाई की जाए। डीएम ने उनकी मांग पर विचार करने का भरोसा दिया है। इस मौके पर रमाकांत वर्मा, रमाकांत यादव, समरनाथ, संतोष सिंह आदि मौजूद थे।
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उनके समर्थन में इंटर कालेजों के वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक संघ के लोग भी उतर आए हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर ऐसे विद्यालयों को इस सत्र में छूट देने की मांग की।
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जिला प्रशासन की सख्ती के बाद सभी विकास खंडों में अभियान चलाकर बिना मान्यता वाले विद्यालयों को बंद कराया जा रहा है। कई विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और करीब एक सौ से अधिक संचालकों को
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नोटिस जारी किया गया है। अब खंड शिक्षा अधिकारी पुलिस बल के साथ ऐसे विद्यालयों को बंद कराने का अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से आक्रोशित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालक बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाए। डीएम को सौंपे गए पत्रक में कहा गया है कि इस साल शिक्षण सत्र अप्रैल से शुरू हो गया
है। छात्रों का नामांकन हो चुका है। वे किताब भी खरीद लिए हैं। ड्रेस भी बनवा लिए हैं ऐसे में जो विद्यालय मानक पूरा करते हैं उन्हें मान्यता दे दी जाए और जो मानक पूरा नहीं कर पाए हैं उन्हें मौका दिया जाए। अगले सत्र से यह
कार्रवाई की जाए। डीएम ने उनकी मांग पर विचार करने का भरोसा दिया है। इस मौके पर रमाकांत वर्मा, रमाकांत यादव, समरनाथ, संतोष सिंह आदि मौजूद थे।