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20 साल से सपा के गढ़ को रमेश ने ढहाया, पूर्व मंत्री के हराकर बने विधायक

Fri, 11 Mar 2022 01:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 01:10 AM IST
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Ramesh demolished SP's stronghold for 20 years, became MLA after defeating former minister
जौनपुर। शाहगंज में इस बार रोचक मुकाबला देखने को मिला। 20 साल से सपा के लिए गढ़ बनी इस सीट पर भाजपा अपनी नाव पार कराने के लिए निषाद पार्टी से प्रत्याशी उतारा। प्रत्याशी रमेश सिंह ने कांटे की टक्कर में पूर्व मंत्री और लगातार पांचवीं बार विधायक बनने का सपना संजोए शैलेंद्र यादव ललई को हराकर अपनी राजनीतिक विरासत बचाने में कामयाब हुए।
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शाहगंज विधानसभा सीट पर साल 2002 से समाजवादी पार्टी का कब्जा है। चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो सबसे पहले 2002 में सपा में जगदीश सोनकर ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। वह 2007 में भी जीते थे। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट सामान्य हो गई। साथ ही इस क्षेत्र में खुटहन विधानसभा को खत्म करके उसका बड़ा हिस्सा शाहगंज विधानसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। जहां से शैलेंद्र यादव ललई दो बार से विधायक बन रहे थे को सपा ने इस सीट से चुनावी समर में उतार दिया, जो यहां भी लगातार दो बार जीत रहे। साल 2017 में भाजपा ने जीत दर्ज करने के लिए यह सीट ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के हिस्से में दे दी थी। इसके बाद सुभाषपा ने राना अजीत प्रताप सिंह को मैदान में उतारा था। लेकिन 58656 वोट लेकर वो दूसरे स्थान पर रहे थे। जबकि साल 2012 की सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे शैलेंद्र यादव ललई उन्हें 9162 वोट से हराकर अपना विजय रथ आगे बढ़ाए थे। उन्हें 67818 वोट मिला था। हालांकि इस बार इस की पर स्थिति पूरी तरह से अलग दिख रही थी। 407139 मतदाताओं में 239817 न अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना के दौरान शुरू में सपा प्रत्याशी शैलेंद्र यादव ललई ने बढ़त बनाया, लेकिन, इसके बाद राजनीतिक विरासत बचाने में लगे पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह ने बढ़त बनाना शुरू किया और आखिर में उन्हें जीत हासिल हुई।
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1996 के बाद से नहीं जीती थी भाजपा
जौनपुर। इस सीट पर भाजपा दो बार और बसपा ने एक बार जीत दर्ज की है। भाजपा 1991 में राम पारस रजक तो 1993 में राम दवर ने बसपा ने को पहली बार जीत दिलाई थी। उस समय सपा का बसपा से गठबंधन था। इसके बाद बांकेलाल सोनकर 1996 में भाजपा से जीते, फिर इस सीट पर आज तक कमल नहीं खिला था।
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मतों का खूब हुआ ध्रुवीकरण
जौनपुर। शाहगंज सीट पर मतों का खूब ध्रुवीकरण हुआ। बसपा प्रत्याशी इंद्रदेव यादव ने भी बसपा के बेसवोट के साथ अपने स्वजातीय वोट में भी खूब सेंधमारी की, जिसका लाभ निषाद पार्टी के रमेश सिंह को मिला।
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