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बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
ब्यूरो, अमर उजाला/जौनपुर
Updated Thu, 03 Dec 2015 12:57 AM IST
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बारिश ने बुधवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। पूरे दिन रुक रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। शहर की सड़कों और गलियाें में कीचड़ और फिसलन हो गई।
इससे आने जाने वालों को परेशानियों से गुजरना पड़ा। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। जहां ठंड में इजाफा हुआ है। वहीं बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को फायदा हुआ है।
मंगलवार को पूरे दिन मौसम सामान्य रहा। देर शाम को अचानक आसमान में बादल छा गए। तेज आंधी आई जिसमें जगह जगह छप्पर और टीनशेड उड़ गए। आधी रात के बाद से रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
बुधवार को वर्षा से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया वहीं बुधवार को अधिकतम 27 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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सुबह बारिश के चलते लोगों को घरों से निकलने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। बरसात से सड़क और गलियां कीचड़ में सन गई। आने जाने वाले लोगों को दुश्वारियों से से गुजरना पड़ा। बरसात का असर बाजार पर भी पड़ा। ग्राहकों के न होने से यहां सन्नाटा रहा।
वहीं कृषि के लिए बरसात को वरदान माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि खास तौर से दलहनी और तिलहनी फसलों को लाभ मिलेगा। अगर बारिश तेज हुई तो जो किसान गेहूं की बुवाई के लिए खेत में पलेवा लगाने की तैयारी कर रहे हैं उन्हें भी काफी सहूलियत मिल जाएगी।
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इससे आने जाने वालों को परेशानियों से गुजरना पड़ा। बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। जहां ठंड में इजाफा हुआ है। वहीं बारिश से दलहनी, तिलहनी फसलों को फायदा हुआ है।
मंगलवार को पूरे दिन मौसम सामान्य रहा। देर शाम को अचानक आसमान में बादल छा गए। तेज आंधी आई जिसमें जगह जगह छप्पर और टीनशेड उड़ गए। आधी रात के बाद से रिमझिम बारिश शुरू हो गई।
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बुधवार को वर्षा से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया वहीं बुधवार को अधिकतम 27 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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सुबह बारिश के चलते लोगों को घरों से निकलने में दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। बरसात से सड़क और गलियां कीचड़ में सन गई। आने जाने वाले लोगों को दुश्वारियों से से गुजरना पड़ा। बरसात का असर बाजार पर भी पड़ा। ग्राहकों के न होने से यहां सन्नाटा रहा।
वहीं कृषि के लिए बरसात को वरदान माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि खास तौर से दलहनी और तिलहनी फसलों को लाभ मिलेगा। अगर बारिश तेज हुई तो जो किसान गेहूं की बुवाई के लिए खेत में पलेवा लगाने की तैयारी कर रहे हैं उन्हें भी काफी सहूलियत मिल जाएगी।