{"_id":"62d459633fdbdf4bc538e72a","slug":"questions-asked-apart-from-preparation-in-phd-entrance-exam-jaunpur-news-vns664536729","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएचडी प्रवेश परीक्षा में तैयारी से अलग के पूछे गए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएचडी प्रवेश परीक्षा में तैयारी से अलग के पूछे गए सवाल
विज्ञापन
करंजाकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय पीएचडी प्रवेश परीक्षा रविवार को विवि परिसर के 10 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। परीक्षा के लिए 3973 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 2712 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 1261 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए विवि परिसर में संकाय भवन, आईबीएम, फार्मेसी संस्थान, यूएनएसआईईटी ब्लाक ए और बी, वर्कशाप भवन, एनएसएस भवन, रज्जू भइया संस्थान, केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र ए और बी समेत कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाएं गए थे।
परीक्षा के लिए कुल 3973 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 2712 परीक्षा शामिल हुए। 1261 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा दो पालियों में सुबह 10.30 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली में 2.30 से 4 बजे तक परीक्षा कराई गई। शोध प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. रमेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा दोनों पाली में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा के लिए दौरान कुल पति प्रो. निर्मला एस मौर्य परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, कुलसचिव महेंद्र कुमार, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह ने दोनों पालियों में परीक्षा का निरीक्षण किया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा में हमेशा सामान्य ज्ञान व तर्क शक्ति से संबंधित सवाल पूछे जाते थे, लेकिन इस बार सिर्फ शोध से संबंधित सवाल पर पूरा पेपर आधारित रहा। इससे परीक्षार्थियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं, द्वितीय पाली में सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए नेट,जेआरएफ और एमफिल को छोड़कर 3973 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षा छूटने के बाद जाम जैसा माहौल रहा।
विज्ञापन
परीक्षा के लिए कुल 3973 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 2712 परीक्षा शामिल हुए। 1261 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा दो पालियों में सुबह 10.30 बजे से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली में 2.30 से 4 बजे तक परीक्षा कराई गई। शोध प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. रमेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा दोनों पाली में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा के लिए दौरान कुल पति प्रो. निर्मला एस मौर्य परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह, कुलसचिव महेंद्र कुमार, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह ने दोनों पालियों में परीक्षा का निरीक्षण किया। परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा में हमेशा सामान्य ज्ञान व तर्क शक्ति से संबंधित सवाल पूछे जाते थे, लेकिन इस बार सिर्फ शोध से संबंधित सवाल पर पूरा पेपर आधारित रहा। इससे परीक्षार्थियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं, द्वितीय पाली में सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र की परीक्षा हुई। पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए नेट,जेआरएफ और एमफिल को छोड़कर 3973 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षा छूटने के बाद जाम जैसा माहौल रहा।
विज्ञापन