{"_id":"5742044e4f1c1b7818690dbd","slug":"promotion-lasted-all-night-prayer-seeking-blessings","type":"story","status":"publish","title_hn":"सारी रात चली इबादत मांगी तरक्की की दुआ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सारी रात चली इबादत मांगी तरक्की की दुआ
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 23 May 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
शबेबरात के मौके पर शाही ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में फातिहा पढ़ते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शबेबरात (नीमे शाबान) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस रात को बुराइयों से दूर होने वाली रात भी कहते हैं। मुसलमान बंधुओं ने अपने परिवार के मरहूमीन की कब्रों पर फातेहा पढ़ी। मस्जिदों, इबादतगाहों, अजाखानों व आस्तानों में रात्रि भर विशेष नमाज, दुआएं व आमाल किए गए। मस्जिदों व घरों की विशेष तौर से सजाया गया था।
लोगों के घरों में हलवा का विशेष पकवान बना। शबेबरात पर विशेष आयोजन गूलरघाट शेर की मस्जिद, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, सदर इमामबाड़ा, इस्लाम का चौक, छत्तातर, कल्लू इमामबाड़ा, सिपाह, चहारसू, नवाब यूसुफ रोड, स्टेशन, कजगांव, अहियापुर व अन्य मस्जिदों में रातभर बड़ी संख्या में लोग इबादत में मशरूफ रहे।
इस पर्व का महत्व इसलिए भी बहुत अधिक है क्योंकि शिया मुसलमानों के 12 वें इमाम हजरत मेंहदी की वेलादत की शब भी है। इमाम मेंहदी का जन्म 15 शाबान को हुआ है। इसी क्रम में शिया जामा मस्जिद नवाब बाग कसेरी बाजार में देर रात्रि में शबे बारात के पर्व पर विशेष आमाल एवं दुआएं व नमाज अदा की गईं।
विज्ञापन
इमाम-ए-जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां ने शबे बारात के पर्व एवं 12 वें इमाम के जन्म दिवस के मौके पर सभी जनपद वासियों को मुबारकवाद पेश की। इमाम मेंहदी के जन्म दिवस पर महफि ल में शायरों ने कलाम प्रस्तुत किए। शायर रजमी जौनपुरी के कलाम को सुनकर उपस्थित समूह वाह-वाह बोल उठा।
महफि ल के अन्त में शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली अली मंजर डेजी, मौलाना मुस्तफ ा, इस्लामी मौलाना मरगूब आलम, असलम नकवी ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई। बाद नमाज फजिर शिया जामा मस्जिद से जूलुस की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में स्त्री एवं पुरूष मौलाना मुस्तफा इस्लामी के नेतृत्व में शाही पुल पर पहुंचकर दुआ पढ़कर अपनी-अपनी हाजतों को अरिजे में लिखकर
आटे की लोई में बंद करके नदी में श्रद्धा के साथ समर्पित किया। अपने घरों से लाए हुए मीठे पकवानों को शाही पुल पर नज्र किया और 12वें इमाम से ये दुआ की कि हमारे अरिजे में लिखी हुई जायज ख्वाहिशों को पूरा करें।
विज्ञापन
लोगों के घरों में हलवा का विशेष पकवान बना। शबेबरात पर विशेष आयोजन गूलरघाट शेर की मस्जिद, अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, सदर इमामबाड़ा, इस्लाम का चौक, छत्तातर, कल्लू इमामबाड़ा, सिपाह, चहारसू, नवाब यूसुफ रोड, स्टेशन, कजगांव, अहियापुर व अन्य मस्जिदों में रातभर बड़ी संख्या में लोग इबादत में मशरूफ रहे।
विज्ञापन
इस पर्व का महत्व इसलिए भी बहुत अधिक है क्योंकि शिया मुसलमानों के 12 वें इमाम हजरत मेंहदी की वेलादत की शब भी है। इमाम मेंहदी का जन्म 15 शाबान को हुआ है। इसी क्रम में शिया जामा मस्जिद नवाब बाग कसेरी बाजार में देर रात्रि में शबे बारात के पर्व पर विशेष आमाल एवं दुआएं व नमाज अदा की गईं।
विज्ञापन
इमाम-ए-जुमा मौलाना महफूजुल हसन खां ने शबे बारात के पर्व एवं 12 वें इमाम के जन्म दिवस के मौके पर सभी जनपद वासियों को मुबारकवाद पेश की। इमाम मेंहदी के जन्म दिवस पर महफि ल में शायरों ने कलाम प्रस्तुत किए। शायर रजमी जौनपुरी के कलाम को सुनकर उपस्थित समूह वाह-वाह बोल उठा।
महफि ल के अन्त में शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली अली मंजर डेजी, मौलाना मुस्तफ ा, इस्लामी मौलाना मरगूब आलम, असलम नकवी ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई। बाद नमाज फजिर शिया जामा मस्जिद से जूलुस की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में स्त्री एवं पुरूष मौलाना मुस्तफा इस्लामी के नेतृत्व में शाही पुल पर पहुंचकर दुआ पढ़कर अपनी-अपनी हाजतों को अरिजे में लिखकर
आटे की लोई में बंद करके नदी में श्रद्धा के साथ समर्पित किया। अपने घरों से लाए हुए मीठे पकवानों को शाही पुल पर नज्र किया और 12वें इमाम से ये दुआ की कि हमारे अरिजे में लिखी हुई जायज ख्वाहिशों को पूरा करें।