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समस्याओं को लेकर भाकियू का प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:57 PM IST
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धान क्रय केंद्रों पर धांधली समेत किसानों से जुड़ी कई अन्य समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित सात सूत्री पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव के नेतृत्व मे एक सौ से भी अधिक की संख्या में आए पुरुष और महिला किसानों
ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट पर नारे लगाए। धरना सभा में जिलाध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि धान क्रय केंद्रों की स्थापना भले ही कर दी गई है, लेकिन अधिकतर स्थानों पर अभी खरीद शुरू नहीं की गई है।
किसानों को अगली खेती के लिए पैसे की आवश्यकता है। इस नाते किसान सस्ते दर पर खुले बाजार में धान बेचने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि यह सब सोची समझी रणनीति के तहत होता है।
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किसानों के यहां से धान जब गल्ला व्यापारियों के हाथ में पहुंच जाएगा तो खरीद शुरू होगी। इसका लाभ व्यापारियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ क्रय केंद्रों पर धान की खरीद के लिए कांटा लगा भी है तो वहां किसानों
से कहा जाता है कि अभी उन्हें पैसा नहीं मिला है। किसानों ने मौजूदा समय में साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने का भी मुद्दा उठाया। कहा कि किसान गेहूं की पहली सिंचाई कर चुके हैं।
ऐसे मे यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन समितियों पर यूरिया नहीं है। मजबूर किसान बाजार से अधिक कीमत चुकाकर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। महंगी यूरिया जो बाजार से खरीदी जा रही है,
उस पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन करने वाले किसानों में शैलेश वर्मा, माता प्रसाद, बाबूराम, मोलई राम, चंद्रबली, बब्बन राम पटेल, शिव प्रताप, शिवशंकर, आरपी सिंह, भइयाराम, चितबहाल, लालता प्रसाद, शोभनाथ, पुद्दन, किरन तिवारी, प्रमिला देवी, मीना, राजकुमारी, विमला, गीता, धरमू आदि थे।
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प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित सात सूत्री पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव के नेतृत्व मे एक सौ से भी अधिक की संख्या में आए पुरुष और महिला किसानों
ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट पर नारे लगाए। धरना सभा में जिलाध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि धान क्रय केंद्रों की स्थापना भले ही कर दी गई है, लेकिन अधिकतर स्थानों पर अभी खरीद शुरू नहीं की गई है।
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किसानों को अगली खेती के लिए पैसे की आवश्यकता है। इस नाते किसान सस्ते दर पर खुले बाजार में धान बेचने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि यह सब सोची समझी रणनीति के तहत होता है।
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किसानों के यहां से धान जब गल्ला व्यापारियों के हाथ में पहुंच जाएगा तो खरीद शुरू होगी। इसका लाभ व्यापारियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ क्रय केंद्रों पर धान की खरीद के लिए कांटा लगा भी है तो वहां किसानों
से कहा जाता है कि अभी उन्हें पैसा नहीं मिला है। किसानों ने मौजूदा समय में साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने का भी मुद्दा उठाया। कहा कि किसान गेहूं की पहली सिंचाई कर चुके हैं।
ऐसे मे यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन समितियों पर यूरिया नहीं है। मजबूर किसान बाजार से अधिक कीमत चुकाकर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। महंगी यूरिया जो बाजार से खरीदी जा रही है,
उस पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन करने वाले किसानों में शैलेश वर्मा, माता प्रसाद, बाबूराम, मोलई राम, चंद्रबली, बब्बन राम पटेल, शिव प्रताप, शिवशंकर, आरपी सिंह, भइयाराम, चितबहाल, लालता प्रसाद, शोभनाथ, पुद्दन, किरन तिवारी, प्रमिला देवी, मीना, राजकुमारी, विमला, गीता, धरमू आदि थे।