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निजी अस्पतालों में नहीं खुली ओपीडी
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sat, 09 May 2015 12:12 AM IST
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के निजी चिकित्सक शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। शहर के निजी चिकित्सालयों की ओपीडी नहीं खुली। आपात चिकित्सा सेवा भी निजी अस्पतालों में बाधित रही।
मरीज पूरी तरह सरकारी अस्पतालों के भरोसे रहे। हड़ताल के चलते जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में रोज की अपेक्षा शुक्रवार को मरीजों की संख्या अधिक रही।
चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि जिला अस्पताल में रोज की अपेक्षा 20 फीसदी अधिक मरीज देखे गए। हड़ताल के चलते अस्पताल में पहले से भी तैयारी कर ली गई थी।
पूर्व प्रस्तावित हड़ताल के तहत निजी अस्पतालों के डाक्टर शुक्रवार को सुबह पहले से ही भर्ती मरीजों को देखने के बाद अस्पताल छोड़ बाहर निकल गए।
अस्पतालों की ओपीडी में ताला लग गया। इस दौैरान आने वाले मरीजों को वापस कर दिया गया।निजी अस्पतालों में आपात चिकित्सा सेवा भी ठप रही।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर जिले भर के निजी चिकित्सक सुबह नौ बजे लाइनबाजार स्थित आईएमए भवन पहुंचे, जहां बैठक के बाद चिकित्सकों ने नगर में जुलूस निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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जुलूस के साथ सभी चिकित्सक कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांग से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक एसडीएम सदर शिव सिंह को सौंपा।
चिकित्सकों ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने समेत संगठन की अन्य मांगों को सरकार नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर संगठन के सचिव डा. क्षितिज शर्मा, डा. मनमोहन श्रीवास्तव, डा. अरुण कुमार मिश्र, डा. अजित कपूर, डा. विनोद प्रसाद सिंह, डा. एनके सिंह, डा. हरेंद्र देव सिंह, डा. अरविंद सिंह, डा. तेज सिंह समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।
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मरीज पूरी तरह सरकारी अस्पतालों के भरोसे रहे। हड़ताल के चलते जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में रोज की अपेक्षा शुक्रवार को मरीजों की संख्या अधिक रही।
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चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि जिला अस्पताल में रोज की अपेक्षा 20 फीसदी अधिक मरीज देखे गए। हड़ताल के चलते अस्पताल में पहले से भी तैयारी कर ली गई थी।
पूर्व प्रस्तावित हड़ताल के तहत निजी अस्पतालों के डाक्टर शुक्रवार को सुबह पहले से ही भर्ती मरीजों को देखने के बाद अस्पताल छोड़ बाहर निकल गए।
अस्पतालों की ओपीडी में ताला लग गया। इस दौैरान आने वाले मरीजों को वापस कर दिया गया।निजी अस्पतालों में आपात चिकित्सा सेवा भी ठप रही।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर जिले भर के निजी चिकित्सक सुबह नौ बजे लाइनबाजार स्थित आईएमए भवन पहुंचे, जहां बैठक के बाद चिकित्सकों ने नगर में जुलूस निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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जुलूस के साथ सभी चिकित्सक कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांग से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक एसडीएम सदर शिव सिंह को सौंपा।
चिकित्सकों ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने समेत संगठन की अन्य मांगों को सरकार नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर संगठन के सचिव डा. क्षितिज शर्मा, डा. मनमोहन श्रीवास्तव, डा. अरुण कुमार मिश्र, डा. अजित कपूर, डा. विनोद प्रसाद सिंह, डा. एनके सिंह, डा. हरेंद्र देव सिंह, डा. अरविंद सिंह, डा. तेज सिंह समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।