जौनपुर।
शिक्षा के माध्यम से ही अधिकारों, कर्तव्यों और संभावनाओं को समझा जा सकता है। कहने की बजाय करने में विश्वास रखने वाली सोच ही समाज को आगे ले जा सकती है। वनवासी और आदिवासी समाज आज भी विकास एवं शिक्षा से कोसों दूर है। उन्हें जोड़कर मुख्य धारा में शामिल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह बातें आज़मगढ़ के डीएम रवींद्र कुमार ने विगत दिवस हरिऔध कला भवन आजमगढ़ में वनवासी बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए मेधावी छात्रों को तथागत ट्रस्ट-भारत एवं जेब्रा फाउंडेशन ट्रस्ट-जौनपुर तथा मिशन बिरसा मुंडा सेवा समिति आजमगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वनवासी मेघा छात्रवृत्ति वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि कही। भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आदिवासी एवं वनवासी समाज के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षित करके आत्मनिर्भर बनाना ट्रस्ट का उद्देश्य रहा है। उन्होंने ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे प्रयास का विस्तार का उल्लेख किया। इससे पूर्व समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सपना वनवासी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में मुख्य अतिथि ने वाराणसी, जौनपुर एवं आजमगढ़ जनपदों के वनवासी समाज के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर 32 मेधावी छात्र-छात्राओं को क्रमशः पंद्रह हजार एवं बीस हजार की छात्रवृत्ति का चेक एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। समारोह में जेब्रा के अध्यक्ष संजय सेठ, अश्वनी सहगल, विवेकानंद सेठ, डॉ. माधुरी सिंह, डॉ. संतोष सिंह, मोहम्मद नोमान, कमलेश बनवासी, मुसाफिर बनवासी, शिवप्रसाद बनवासी, अभय कुमार, नंदकुमार, कृष्णमुरारी बनवासी सहित जनपद के लोग उपस्थित रहे। संचालन आशुतोष द्विवेदी एवं आभार कमलेश वनवासी ने किया।