जौनपुर में भूख हड़ताल पर बैठे बंदी, मनाते रहे अफसर, डीएम के निर्देश पर चार बंदियों का स्थानांतरण
जौनपुर जिला कारागार में दो दिनों से चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को कई बंदी भूख हड़ताल पर बैठ गए। इससे जेल प्रशासन सकते में आ गया। किसी तरह बंदियों को समझा कर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई। अफसरों का कहना है कि बंदियों को गलतफहमी हो गई थी, जिसे दूर कर दिया गया है। जेल के बिगड़ते माहौल को देखते हुए जेल प्रशासन ने चार बंदियों को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित कर दिया।
जिला कारागार में रविवार की रात से ही माहौल गर्म है। किसी बंदी के पास से मोबाइल बरामद होने के बाद उसकी पिटाई कर दी गई थी, उसके बाद अन्य बंदी उग्र हो गए थे। जेल के अंदर की एक दीवार तोड़कर रखे ईंट के टुकड़ों को देख जेल प्रशासन ने बंदियों की तैयारी को भांप लिया और सोमवार को दोपहर बड़ी संख्या में पुलिस बुला ली गई थी। फोर्स के साथ पहुंचे एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार ने सभी बैरकों की तलाशी करवाई। फोर्स ने जेल में मार्च कर बंदियों को चेतावनी दी। सोमवार की देर रात में ही डीएम के आदेश पर चार बंदियों को नैनी, गाजीपुर, वाराणसी और सुल्तानपुर जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया। आगे पढ़ें, जेलर ने क्या कहा...
बताया जा रहा है कि जिन बंदियों को हटाया गया है वे ही बंदी विवाद की जड़ थे। उन्होंने जेल में बवाल करने की तैयारी की थी। हत्या और लूट जैसी वारदातों में शामिल ये बंदी प्रशासनिक स्थानांतरण पर दूसरी जेलों से आए थे। मंगलवार को उनको दूसरी जगह भेजा जाने लगा तो अन्य बंदी भड़क गए। बैरक संख्या दो और चार के बंदी भूख हड़ताल पर बैठ गए। जेल अधीक्षक एसके पांडेय, जेलर राजकुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बंदियों को समझा कर किसी तरह उन्हें शांत कराया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक जेल में अफरा तफरी मची रही।
तबादले के बाद बचे गैर जिलों के 26 बंदी
जिला जेल में गैर जिलों के 30 बंदी रखे गए हैं। इसमें से चार का मंगलवार को प्रशासनिक आधार पर अन्यत्र भेज दिया गया। हत्या और लूट में बंद आजमगढ़ के बच्चा यादव को नैनी जेल भेजा गया, जबकि आजमगढ़ के ही राजन यादव को सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ के विजय उर्फ भोलू को वाराणसी और अन्नू उर्फ अनुराग को गाजीपुर जेल स्थानांतरित किया गया है। अब जेल में 26 बंदी अन्य जिलों के शेष हैं।
चार बंदियों को यहां से दूसरी जेलों में स्थानांतरित किए जाने की सूचना पर कुछ बंदी भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्हें भ्रम हो गया था कि उन्हें भी अन्यत्र भेजा जाएगा। बाद में जब उन्हें सच्चाई का पता चल गया तो वह शांत हो गया। जेल में सब कुछ सामान्य है। - राजकुमार, जेलर