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तीन ऑक्सीजन प्लांट के सहारे तीसरे चरण के संक्रमण से निबटने की तैयारी
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जौनपुर। कोविड-19 की दूसरी लहर के धीमा पड़ते ही संभावित तीसरे चरण के संक्रमण से निबटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। संक्रमण के बचाव के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट के साथ 665 बेड तैयार किए जा चुके हैं। 30 जून तक 4 और ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की दावा किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि सितंबर या अक्तूबर तक कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान न जाने पाए, इसके लिए जिले में कुल 13 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है। जिसमें से तीन प्लांटों ने काम करना शुरू कर दिया है। शेष प्लांटों पर कहीं काम शुरू नहीं हुआ है तो कहीं काम चालू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो चालू माह के अंत तक चार और प्लांटों का काम पूरा कर लिया जाएगा। मरीजों के इलाज के लिए तीन ऑक्सीजन प्लांट के अलावा 39 वेंटीलेटर और 161 आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल के अलावा बदलापुर सीएचसी और मडियाहूं में आक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो चुका है।
इन अस्पतालों में हैं मरीजों के इलाज की व्यवस्था
जिला महिला अस्पताल परिसर स्थित कोविड-19 एल-टू एमसीएच विंग 100 बेड हैं। इसी परिसर में 40 बेड का पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) है। जिसमें 20 बेड वेंटीलेटर के साथ और 20 बेड ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ है। सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई की भी व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल 84 बेड, ट्रामा सेंटर जफराबाद हौज में 30 बेड, सीएचसी रेहटी जलालपुर 50 बेड, आश्रम पद्धति विद्यालय मटियारी 220 बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा सीएचसी बदलापुर, शाहगंज, केराकत और सतहरिया स्थित एल-वन अस्पताल में 50-50 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 10-10 बेड पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की व्यवस्था की जा रही है। जिसमें हर सेंटर पर दो-दो बेड आईसीयू के रहेंगे। निजी अस्पतालों में 101 पीडियाट्रिक बेड हैं। उनको को भी जोड़ा जाएगा। निजी अस्पतालों को भी तैयारी करने के लिए निर्देश दे दिया गया है।
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जिले में हैं 32 बाल रोग विशेषज्ञ
जिले में कुल 32 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जिसमें 13 सरकरी और 19 निजी चिकित्सक हैं। सभी चिकित्सकों को इलाज के लिए लगाया जाएगा। संक्रमण शुरू होने से पहले सभी को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जिले में 6 एनेस्थिटिक हैं। जिसमें तीन सरकारी और तीन निजी हैं। सभी को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीसरे चरण का कोविड संक्रमण शुरू होने से पहले मरीजों को भर्ती करने तथा उनके इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। सितंबर या अक्तूबर तक तीसरे चरण का संक्रमण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके लिए हर स्तर पर तैयारी को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक 665 बेड पर इलाज की पूरी तैयारी है।- डा. राकेश कुमार, सीएमओ जौनपुर
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विशेषज्ञों का अनुमान है कि सितंबर या अक्तूबर तक कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की जान न जाने पाए, इसके लिए जिले में कुल 13 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी है। जिसमें से तीन प्लांटों ने काम करना शुरू कर दिया है। शेष प्लांटों पर कहीं काम शुरू नहीं हुआ है तो कहीं काम चालू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो चालू माह के अंत तक चार और प्लांटों का काम पूरा कर लिया जाएगा। मरीजों के इलाज के लिए तीन ऑक्सीजन प्लांट के अलावा 39 वेंटीलेटर और 161 आक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल के अलावा बदलापुर सीएचसी और मडियाहूं में आक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो चुका है।
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इन अस्पतालों में हैं मरीजों के इलाज की व्यवस्था
जिला महिला अस्पताल परिसर स्थित कोविड-19 एल-टू एमसीएच विंग 100 बेड हैं। इसी परिसर में 40 बेड का पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) है। जिसमें 20 बेड वेंटीलेटर के साथ और 20 बेड ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ है। सेंट्रल आक्सीजन सप्लाई की भी व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल 84 बेड, ट्रामा सेंटर जफराबाद हौज में 30 बेड, सीएचसी रेहटी जलालपुर 50 बेड, आश्रम पद्धति विद्यालय मटियारी 220 बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा सीएचसी बदलापुर, शाहगंज, केराकत और सतहरिया स्थित एल-वन अस्पताल में 50-50 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 10-10 बेड पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) की व्यवस्था की जा रही है। जिसमें हर सेंटर पर दो-दो बेड आईसीयू के रहेंगे। निजी अस्पतालों में 101 पीडियाट्रिक बेड हैं। उनको को भी जोड़ा जाएगा। निजी अस्पतालों को भी तैयारी करने के लिए निर्देश दे दिया गया है।
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जिले में हैं 32 बाल रोग विशेषज्ञ
जिले में कुल 32 बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जिसमें 13 सरकरी और 19 निजी चिकित्सक हैं। सभी चिकित्सकों को इलाज के लिए लगाया जाएगा। संक्रमण शुरू होने से पहले सभी को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जिले में 6 एनेस्थिटिक हैं। जिसमें तीन सरकारी और तीन निजी हैं। सभी को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीसरे चरण का कोविड संक्रमण शुरू होने से पहले मरीजों को भर्ती करने तथा उनके इलाज की पूरी व्यवस्था की जा रही है। सितंबर या अक्तूबर तक तीसरे चरण का संक्रमण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके लिए हर स्तर पर तैयारी को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक 665 बेड पर इलाज की पूरी तैयारी है।- डा. राकेश कुमार, सीएमओ जौनपुर