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मोबाइल से चिकित्सकों की हाजिरी लगाने की तैयारी
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जौनपुर। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे को मोबाइल से जोड़कर डाक्टरों के लेटलतीफी पर अंकुश लगाने की योजना बनाई जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी तक निगरानी बढ़ाई जाएगी।
सीएचसी के अधीक्षक अपने क्षेत्र में आने वाले पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी कर रिपोर्ट प्रेरित करेंगे। शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय, जिला महिला अस्पताल के साथ जिले में 22 सीएचसी और 73 पीएचसी के अलावा ब्लाक स्तर के आठ पीएचसी का संचालन हो रहा है। इन केंद्रों पर इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही चिकित्सा और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। निजी अस्पतालों की तरह ही अब सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने की योजना बनाई गई है। ओपीडी और वार्ड में नियमित चिकित्सक, कर्मचारी आते रहे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे को मोबाइल जोड़कर उनकी हाजिरी लगाई जाएगी। विभाग के अधिकारियों की माने तो जल्द ही हाजिरी को आनलाइन कर दिया जाएगा।
कोविड में बंदकर दी गई बायोमैट्रिक हाजिरी
जौनपुर। अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने के लिए अस्पतालों में बायोमैट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई थी लेकिन 2019 में कोविड संक्रमण के दौरान यह तर्क देते हुए बायोमैट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी गई थी कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। उसी समय बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने से डाक्टर और कर्मचारियों को रोक दिया गया था। अब फिर से हाजिरी के लिए सीसीटीवी कैमरा के जरिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
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डाक्टर और स्टाफ पर नजर रखने के लिए सीसी टीवी कैमरे को मोबाइल से जोड़कर हाजिरी लगाने की तैयारी चल रही है। जिसे सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू कर दिया जाएगा। सीएचसी अधीक्षकों की जिम्मेदारी भी निगरानी के लिए बढ़ाई जाएगी। - डा. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ जौनपुर
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सीएचसी के अधीक्षक अपने क्षेत्र में आने वाले पीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी कर रिपोर्ट प्रेरित करेंगे। शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय, जिला महिला अस्पताल के साथ जिले में 22 सीएचसी और 73 पीएचसी के अलावा ब्लाक स्तर के आठ पीएचसी का संचालन हो रहा है। इन केंद्रों पर इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही चिकित्सा और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। निजी अस्पतालों की तरह ही अब सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने की योजना बनाई गई है। ओपीडी और वार्ड में नियमित चिकित्सक, कर्मचारी आते रहे। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे को मोबाइल जोड़कर उनकी हाजिरी लगाई जाएगी। विभाग के अधिकारियों की माने तो जल्द ही हाजिरी को आनलाइन कर दिया जाएगा।
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कोविड में बंदकर दी गई बायोमैट्रिक हाजिरी
जौनपुर। अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगाने के लिए अस्पतालों में बायोमैट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई थी लेकिन 2019 में कोविड संक्रमण के दौरान यह तर्क देते हुए बायोमैट्रिक हाजिरी पर रोक लगा दी गई थी कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। उसी समय बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने से डाक्टर और कर्मचारियों को रोक दिया गया था। अब फिर से हाजिरी के लिए सीसीटीवी कैमरा के जरिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
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डाक्टर और स्टाफ पर नजर रखने के लिए सीसी टीवी कैमरे को मोबाइल से जोड़कर हाजिरी लगाने की तैयारी चल रही है। जिसे सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू कर दिया जाएगा। सीएचसी अधीक्षकों की जिम्मेदारी भी निगरानी के लिए बढ़ाई जाएगी। - डा. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ जौनपुर