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Jaunpur News: अधिवक्ता के घर में घुसकर पुलिस पर मारपीट का आरोप
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केराकत में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। स्रोत-संवाद
केराकत। कस्बे के दलाल टोला निवासी अधिवक्ता दिवाकर सोनकर ने पुलिस पर घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
4 मार्च को गलत सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह, कस्बा इंचार्ज धनुषधारी पाण्डेय सहित कई पुलिस कर्मी उनके घर पहुंच गए। जबरन घर में घुसकर गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि इसके बाद उन्हें, पिता और भाई को घर से घसीटते हुए बाहर लाया गया और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। अधिवक्ता का कहना है कि जब माता बीच-बचाव करने पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी लाठी से मारा, उनके पैर में गंभीर चोट लग गई।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, बाद में पुलिस ने अधिवक्ता और उनके भाई को हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां मारपीट की गई। अगले दिन 5 मार्च को पुलिस ने कार्यवाही करते हुए चालान कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। संवाद
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इस मामले में उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की ओर से मिले प्रार्थना पत्र की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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4 मार्च को गलत सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह, कस्बा इंचार्ज धनुषधारी पाण्डेय सहित कई पुलिस कर्मी उनके घर पहुंच गए। जबरन घर में घुसकर गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि इसके बाद उन्हें, पिता और भाई को घर से घसीटते हुए बाहर लाया गया और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। अधिवक्ता का कहना है कि जब माता बीच-बचाव करने पहुंचीं तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी लाठी से मारा, उनके पैर में गंभीर चोट लग गई।
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प्रार्थना पत्र के अनुसार, बाद में पुलिस ने अधिवक्ता और उनके भाई को हिरासत में लेकर थाने ले गई, जहां मारपीट की गई। अगले दिन 5 मार्च को पुलिस ने कार्यवाही करते हुए चालान कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। संवाद
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इस मामले में उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की ओर से मिले प्रार्थना पत्र की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।