{"_id":"8c7795fa4cb4ab84034a28a7802ec337","slug":"people-left-the-house-went-out-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर छोड़कर बाहर निकल गए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर छोड़कर बाहर निकल गए लोग
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:42 PM IST
विज्ञापन
जिले में शनिवार को 11:45 बजे और 12:20 बजे भूकंप के दो झटकों ने लोगों को दहशतजदा कर दिया। धरती डगमगाई तो हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।
मकान की दीवारें चिटक गईं और कच्चे मकान गिर गए। स्कूलों में छुट्टियां कर दी गईं। तमाम सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में लोग काम छोड़कर बाहर निकल गए।
दीवानी कचहरी परिसर में एक वकील जान बचाने के लिए भवन से कूद गया। शनिवार को दिन में पौने बारह बजे सामान्य जनजीवन में अचानक खलबली मच गई।
घर में रखे सामान हिलने लगे, दरवाजे और खिड़कियों की कुंडियां स्वत: बजने लगीं और लोगों के जमीन के नीचे का धरातल रुक-रुक कर साथ छोड़ने लगा। लगा मानों आफत आ पड़ी।
लोग भागने लगे। भूकंप आया, भूकंप आया...का शोर गूंजने लगा और लोग घर छोड़कर सड़कों पर आ गए। शहर के रुहट्टा मोहल्ले में लोगों के घरों से बाहर आ जाने के कारण सड़क पर जाम सी स्थिति बन गई।
विज्ञापन
सड़कों पर यातायात ठप हो गया। ट्रक और बस चालक जहां-तहां गाड़ियां खड़ी कर स्थिर हो गए। भूकंप के झटके से दीवानी कचहरी परिसर और न्यायालयों में हड़कंप मच गया।
वकील, वादकारी, कर्मचारी और न्यायिक अधिकारी इधर-उधर भागने लगे। इससे परिसर में दहशत का माहौल हो गया। अधिवक्ता विवेक कुमार मौर्य जान बचाने के लिए न्यायालय भवन के पहले तल से कूद गए।
इससे उनके पैर में गंभीर चोट आई। 108 एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। भूकंप की दहशत का आलम यह था कि अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला करते हुए जिला जज से न्यायालय बंद करने का आग्रह
किया। दो बजे तक न वादकारी ना ही वकील, कोई अंदर नहीं गया। इसके बाद ढाई बजे न्यायालय बंद हो गया। मछलीशहर, बदलापुर और सुइथाकला में मकानों की दीवारें भूकंप के चलते फट गईं। खेतासराय के गोदना गांव में भूकंप
के झटके से ज्ञानचंद्र राजभर के कच्चे मकान की छत धराशायी हो गई। कस्बा निवासी कृपाशंकर का बारजा ढह गया। बदलापुर में सीएचसी के चिकित्सकों ने अस्पताल भवन से बाहर निकलकर मरीजों को दवाएं दीं।
जलालपुर: क्षेत्र के कई गांवों में आधा दर्जन मकानों की दीवारें फट गईं। बीवनमऊ में दीपू सिंह, जलालपुर बाईपास राम नवल नागर आदि के मकान की दीवारें चटक गईं।
बक्शा: क्षेत्र के दरियावगंज गांव में भूकंप से दीवार गिर गई। इसमें दबकर अशोक यादव का पुत्र शिवम (14) घायल हो गया। उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया।
भूकंप का झटका लगने के बाद राजाराम मेमोरियल पब्लिक स्कूल नौपेड़वा, राम लखन इंटर कालेज, रामकिशोर स्मृति बालिका इंटर कालेज बेलापार, मां गुजराती इंटर कालेज चुरावनपुर समेत क्षेत्र के तमाम विद्यालय बंद कर दिए गए।
नौपेड़वा पुरानी बाजार निवासी योगेश चंद्र गुप्ता और ब्राह्मणपुर बरामंडी निवासी गिरजा यादव के मकान की दीवारें फट गईं।
सुइथाकला: भूकंप के झटके से बैंकों में खलबली मच गई। कर्मचारी कैश और कागजात छोड़कर बाहर निकल गए। कई घंटे लोग रोड पर ही रहे। सवायन गांव में सीताराम और रामभुवन के मकान की दीवार फट गई।
गौराबादशाहपुर के बारी में मुराद अली की दीवार चटक गई। सुजानगंज में रामचरण के मकान की दीवार फट गई। प्रेम का पूरा में योगेश तिवारी का मकान और चैनपुर में प्रेम मौर्या का मकान भूकंप से क्षतिगस्त हो गया।
विज्ञापन
मकान की दीवारें चिटक गईं और कच्चे मकान गिर गए। स्कूलों में छुट्टियां कर दी गईं। तमाम सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में लोग काम छोड़कर बाहर निकल गए।
दीवानी कचहरी परिसर में एक वकील जान बचाने के लिए भवन से कूद गया। शनिवार को दिन में पौने बारह बजे सामान्य जनजीवन में अचानक खलबली मच गई।
घर में रखे सामान हिलने लगे, दरवाजे और खिड़कियों की कुंडियां स्वत: बजने लगीं और लोगों के जमीन के नीचे का धरातल रुक-रुक कर साथ छोड़ने लगा। लगा मानों आफत आ पड़ी।
विज्ञापन
लोग भागने लगे। भूकंप आया, भूकंप आया...का शोर गूंजने लगा और लोग घर छोड़कर सड़कों पर आ गए। शहर के रुहट्टा मोहल्ले में लोगों के घरों से बाहर आ जाने के कारण सड़क पर जाम सी स्थिति बन गई।
विज्ञापन
सड़कों पर यातायात ठप हो गया। ट्रक और बस चालक जहां-तहां गाड़ियां खड़ी कर स्थिर हो गए। भूकंप के झटके से दीवानी कचहरी परिसर और न्यायालयों में हड़कंप मच गया।
वकील, वादकारी, कर्मचारी और न्यायिक अधिकारी इधर-उधर भागने लगे। इससे परिसर में दहशत का माहौल हो गया। अधिवक्ता विवेक कुमार मौर्य जान बचाने के लिए न्यायालय भवन के पहले तल से कूद गए।
इससे उनके पैर में गंभीर चोट आई। 108 एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। भूकंप की दहशत का आलम यह था कि अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला करते हुए जिला जज से न्यायालय बंद करने का आग्रह
किया। दो बजे तक न वादकारी ना ही वकील, कोई अंदर नहीं गया। इसके बाद ढाई बजे न्यायालय बंद हो गया। मछलीशहर, बदलापुर और सुइथाकला में मकानों की दीवारें भूकंप के चलते फट गईं। खेतासराय के गोदना गांव में भूकंप
के झटके से ज्ञानचंद्र राजभर के कच्चे मकान की छत धराशायी हो गई। कस्बा निवासी कृपाशंकर का बारजा ढह गया। बदलापुर में सीएचसी के चिकित्सकों ने अस्पताल भवन से बाहर निकलकर मरीजों को दवाएं दीं।
जलालपुर: क्षेत्र के कई गांवों में आधा दर्जन मकानों की दीवारें फट गईं। बीवनमऊ में दीपू सिंह, जलालपुर बाईपास राम नवल नागर आदि के मकान की दीवारें चटक गईं।
बक्शा: क्षेत्र के दरियावगंज गांव में भूकंप से दीवार गिर गई। इसमें दबकर अशोक यादव का पुत्र शिवम (14) घायल हो गया। उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया।
भूकंप का झटका लगने के बाद राजाराम मेमोरियल पब्लिक स्कूल नौपेड़वा, राम लखन इंटर कालेज, रामकिशोर स्मृति बालिका इंटर कालेज बेलापार, मां गुजराती इंटर कालेज चुरावनपुर समेत क्षेत्र के तमाम विद्यालय बंद कर दिए गए।
नौपेड़वा पुरानी बाजार निवासी योगेश चंद्र गुप्ता और ब्राह्मणपुर बरामंडी निवासी गिरजा यादव के मकान की दीवारें फट गईं।
सुइथाकला: भूकंप के झटके से बैंकों में खलबली मच गई। कर्मचारी कैश और कागजात छोड़कर बाहर निकल गए। कई घंटे लोग रोड पर ही रहे। सवायन गांव में सीताराम और रामभुवन के मकान की दीवार फट गई।
गौराबादशाहपुर के बारी में मुराद अली की दीवार चटक गई। सुजानगंज में रामचरण के मकान की दीवार फट गई। प्रेम का पूरा में योगेश तिवारी का मकान और चैनपुर में प्रेम मौर्या का मकान भूकंप से क्षतिगस्त हो गया।