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विदेश में रहने वाले परिजनों को लेकर लोग चिंचित
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जौनपुर। कोरोना का असर भारत से ज्यादा विदेशों में है। इसे लेकर विदेशों में रहने वाले अपने प्रियजनों की सेहत को लेकर उनके घरवाले चिंतित हैं। सऊदी अरब, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, फ्रांस सहित अन्य यूरोपीय व एशियाई देशों में रह रहे लोगों से रोजाना फोन कर घरवाले उनकी सेहत के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हैं। फोन पर ही उन्हें घर लौटने और सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
जिले के करीब छह हजार से अधिक लोग विदेशों में रहते हैं। इनकी ज्यादातर संख्या खाड़ी देशों में है। वह रोजगार के सिलसिले में वहां गए हैं। इसके अलावा यूरोप के विभिन्न देशों में भी रहकर युवा रोजगार और पढ़ाई कर रहे हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद लगातार उनके घर लौटने का सिलसिला जारी है। चीन, दुबई, सऊदी अरब में रह रहे कई लोग घर लौट चुके हैं। इनमें कोरोना के संक्रमण की जांच भी की गई है। अब तक की रिपोर्ट निगेटिव ही रही है। हालांकि विदेशों में रह रहे अपनों की सुरक्षा को लेकर घरवालों में चिंता बनी हुई है। वह रोजाना फोन से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य और वहां के माहौल के बारे में जानकारी ले रहे हैं। शहर के मीरमस्त मोहल्ला निवासी शकील अहमद का कहना है कि उनका बेटा फैसल सऊदी अरब के रियाद में रहता है। उसके स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। दिन में कई बार फोन कर उसे सतर्क रहने की हिदायत दिया जा रहा है। केराकत तहसील के बरामनपुर गांव निवासी संतोष सिंह का कहना है कि उनका छोटा भाई मनीष अमेरिका में है। कोरोना के प्रकोप के बाद पूरा परिवार चिंतित है। इसी गांव के निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि उनका चचेरा भाई सुरेंद्र प्रताप सिंह अमे रिका में रहता है। जब से कोरोना का प्रकोप बढ़ा है, परिवार का कोई न कोई सदस्य हर रोज फोन कर उसका हालचाल ले रहा है। चंदवक के रामदेवपुर गांव निवासी निशार अहमद का बेटा जावेद सऊदी में रहता है। वह भी नियमित उससे संपर्क बनाए हुए हैं।
होटल के कमरे खाली, बाहर से नहीं आ रहे लोग
जौनपुर। कोरोना के प्रकोप से जहां पूरा व्यवसाय प्रभावित हुआ है वहीं होटल कारोबार भी वंचित नहीं है। व्यवसाय के सिलसिले में जिले में आने वालों की संख्या घटी है। इससे होटल की बुकिंग भी प्रभावित हुई है। तमाम आयोजन कैंसिल होने से ऑनलाइन बुकिंग भी लोग रद्द करा रहे हैं। होटल के कमरे खाली पड़े हैं। रेस्टूरेंट में नानवेज की डिमांड घट गई है। कारोबार आधा हो गया है।
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शहर के ओलंदगंज स्थित जेपी होटल के मालिक जय प्रकाश सिंह का कहना है कि व्यवसाय के सिलसिले में हमेशा लोग आते-जाते रहते थे। रोजाना दस से बारह कमरे बुक रहते थे, लेकिन जब से कोरोना वायरस ने देश में प्रवेश किया है, व्यवसाय जैसे ठप हो गया है। जिसे बहुत जरूरी काम है वही लोग होटल में रुक रहे हैं। लेबरों की मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है। किशन कन्हैया होटल के संचालक पन्ना लाल यादव का कहना है कि होटल व्यवसाय काफी दिनों से घाटे में चल रहा है। जो कुछ बचा था उसे कोरोना ने चौपट कर दिया। शादी विवाह के बाद होटल में सन्नाटा पसर गया है।
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जिले के करीब छह हजार से अधिक लोग विदेशों में रहते हैं। इनकी ज्यादातर संख्या खाड़ी देशों में है। वह रोजगार के सिलसिले में वहां गए हैं। इसके अलावा यूरोप के विभिन्न देशों में भी रहकर युवा रोजगार और पढ़ाई कर रहे हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद लगातार उनके घर लौटने का सिलसिला जारी है। चीन, दुबई, सऊदी अरब में रह रहे कई लोग घर लौट चुके हैं। इनमें कोरोना के संक्रमण की जांच भी की गई है। अब तक की रिपोर्ट निगेटिव ही रही है। हालांकि विदेशों में रह रहे अपनों की सुरक्षा को लेकर घरवालों में चिंता बनी हुई है। वह रोजाना फोन से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य और वहां के माहौल के बारे में जानकारी ले रहे हैं। शहर के मीरमस्त मोहल्ला निवासी शकील अहमद का कहना है कि उनका बेटा फैसल सऊदी अरब के रियाद में रहता है। उसके स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। दिन में कई बार फोन कर उसे सतर्क रहने की हिदायत दिया जा रहा है। केराकत तहसील के बरामनपुर गांव निवासी संतोष सिंह का कहना है कि उनका छोटा भाई मनीष अमेरिका में है। कोरोना के प्रकोप के बाद पूरा परिवार चिंतित है। इसी गांव के निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि उनका चचेरा भाई सुरेंद्र प्रताप सिंह अमे रिका में रहता है। जब से कोरोना का प्रकोप बढ़ा है, परिवार का कोई न कोई सदस्य हर रोज फोन कर उसका हालचाल ले रहा है। चंदवक के रामदेवपुर गांव निवासी निशार अहमद का बेटा जावेद सऊदी में रहता है। वह भी नियमित उससे संपर्क बनाए हुए हैं।
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होटल के कमरे खाली, बाहर से नहीं आ रहे लोग
जौनपुर। कोरोना के प्रकोप से जहां पूरा व्यवसाय प्रभावित हुआ है वहीं होटल कारोबार भी वंचित नहीं है। व्यवसाय के सिलसिले में जिले में आने वालों की संख्या घटी है। इससे होटल की बुकिंग भी प्रभावित हुई है। तमाम आयोजन कैंसिल होने से ऑनलाइन बुकिंग भी लोग रद्द करा रहे हैं। होटल के कमरे खाली पड़े हैं। रेस्टूरेंट में नानवेज की डिमांड घट गई है। कारोबार आधा हो गया है।
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शहर के ओलंदगंज स्थित जेपी होटल के मालिक जय प्रकाश सिंह का कहना है कि व्यवसाय के सिलसिले में हमेशा लोग आते-जाते रहते थे। रोजाना दस से बारह कमरे बुक रहते थे, लेकिन जब से कोरोना वायरस ने देश में प्रवेश किया है, व्यवसाय जैसे ठप हो गया है। जिसे बहुत जरूरी काम है वही लोग होटल में रुक रहे हैं। लेबरों की मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है। किशन कन्हैया होटल के संचालक पन्ना लाल यादव का कहना है कि होटल व्यवसाय काफी दिनों से घाटे में चल रहा है। जो कुछ बचा था उसे कोरोना ने चौपट कर दिया। शादी विवाह के बाद होटल में सन्नाटा पसर गया है।