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डेंगू से खौफजदा हैं लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:55 AM IST
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डेंगू
- फोटो : amar ujala
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डेंगू को लेकर लोगों में खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मामूली बुखार होने पर भी लोग डेंगू होने की आशंका में घबड़ा जा रहे हैं। हर रोज किसी न किसी इलाके में मौत हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो खुटहन, बक्शा, मुंगराबादशाहपुर, मछलीशहर, शाहगंज, सुइथाकला आदि इलाकों में अब तक 20 से अधिक मौत डेंगू से हो चुकी हैं।
बावजूद स्वास्थ्य विभाग गहरी नीद में सोया हुआ है। हल्का बुखार से पीड़ित होते ही लोग टेस्ट कराने के लिए मजबूर हो जा रहे हैं और उन्हें दो हजार रुपये का टेस्ट और इलाज में खर्च हो जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार में प्लेटलेट्स कम होने लगता है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि हर बुखार के मरीज को डेंगू ही हो गया हो।
अगर डेंगू का टेस्ट पाजिटिव भी आया तो खबराने की कोई जरूरत नही हैं। डा. अरुण कुमार मिश्रा , डा. आरपी यादव आदि चिकित्सकों का कहना है कि लगातार पानी पीया जा रहा है और रोगी दो तीन घंटे पर बाथरूम जाता है तो थोड़ा भी घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरल बुखार है एक से डेढ़ सप्ताह में ठीक हो जाता है।
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खतरनाक स्थिति तब बनती है जब रोगी को बुखार रहता है और बुखार उतरने के बाद फिर चढ़ जाता है। ऐसा होने पर पूर्ण विश्राम करें, पानी लगातार पीएं और अगर जोड़ों में दर्द रोगी अनुभव कर रहा है तो उसे चिकित्सकों की सलाह तत्काल लेनी चाहिए। शाहगंज कस्बे के पश्चिम कौड़िया मोहल्ले में आठ लोग डेंगू से पीड़ित हैं।
सभी का इलाज निजी चिकित्सालयों में चल रहा है। स्थिति यही रही तो पूरे नगर में बीमार लोगों की संख्या बढ़ेगी। बीमार लोगों मे प्रियांसू यादव(16), विकास चौरसिया (20), दिव्यांस जायसवाल (10), पिंटू (23), प्रवीण कुमार (27), विनोद कुमार (26), राजू जायसवाल (45), अमृता सिंह(20) शामिल हैं।
चिकित्सक डा. जावेद अहमद ने बताया कि असली खतरा बुखार उतरने के बाद बड़ता है। जब रोगी लापरवाही में शारीरिक श्रम करने लगता है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में रोगियों को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा कोई दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है।
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बावजूद स्वास्थ्य विभाग गहरी नीद में सोया हुआ है। हल्का बुखार से पीड़ित होते ही लोग टेस्ट कराने के लिए मजबूर हो जा रहे हैं और उन्हें दो हजार रुपये का टेस्ट और इलाज में खर्च हो जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार में प्लेटलेट्स कम होने लगता है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि हर बुखार के मरीज को डेंगू ही हो गया हो।
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अगर डेंगू का टेस्ट पाजिटिव भी आया तो खबराने की कोई जरूरत नही हैं। डा. अरुण कुमार मिश्रा , डा. आरपी यादव आदि चिकित्सकों का कहना है कि लगातार पानी पीया जा रहा है और रोगी दो तीन घंटे पर बाथरूम जाता है तो थोड़ा भी घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरल बुखार है एक से डेढ़ सप्ताह में ठीक हो जाता है।
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खतरनाक स्थिति तब बनती है जब रोगी को बुखार रहता है और बुखार उतरने के बाद फिर चढ़ जाता है। ऐसा होने पर पूर्ण विश्राम करें, पानी लगातार पीएं और अगर जोड़ों में दर्द रोगी अनुभव कर रहा है तो उसे चिकित्सकों की सलाह तत्काल लेनी चाहिए। शाहगंज कस्बे के पश्चिम कौड़िया मोहल्ले में आठ लोग डेंगू से पीड़ित हैं।
सभी का इलाज निजी चिकित्सालयों में चल रहा है। स्थिति यही रही तो पूरे नगर में बीमार लोगों की संख्या बढ़ेगी। बीमार लोगों मे प्रियांसू यादव(16), विकास चौरसिया (20), दिव्यांस जायसवाल (10), पिंटू (23), प्रवीण कुमार (27), विनोद कुमार (26), राजू जायसवाल (45), अमृता सिंह(20) शामिल हैं।
चिकित्सक डा. जावेद अहमद ने बताया कि असली खतरा बुखार उतरने के बाद बड़ता है। जब रोगी लापरवाही में शारीरिक श्रम करने लगता है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में रोगियों को अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा कोई दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है।