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Jaunpur News: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हड़ताल से परेशान रहे मरीज

Sat, 17 Aug 2024 03:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2024 03:42 AM IST
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Patients troubled by strike of medical college doctors
करंजाकला। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में शुक्रवार को सीनियर और जूनियर डॉक्टर के साथ एमबीबीएस के छात्र भी हड़ताल पर रहे। इलाज कराने आए मरीजों को बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा।
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शुक्रवार सुबह 11 बजे डॉक्टर मेन गेट पर प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ‘सेव द सेवियर’ वी वांट जस्टिस के नारे के साथ दोषी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। कुछ देर बाद चिकित्सक वहां से मार्च करते हुए मेडिकल कॉलेज के मेन गेट से होते हुए उत्तरी गेट पर पहुंच गए। हड़ताल को देखते हुए सभी विभागों की ओपीडी बंद रही। आंशिक ओपीडी चली। प्रदर्शन के बाद कुछ समय के लिए ओपीडी चलती रही। लेकिन सुबह 9:30 बजे से पर्ची काउंटर बंद होने के चलते दूर-दराज से आए मरीजों को लौटना पड़ा। जूनियर डॉक्टरों और सीनियर रेजिडेंट का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती है, तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या के विरोध में देश भर के डॉक्टरों में गहरा रोष है। सोमवार को भी एमबीबीएस के छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। मंगलवार को जूनियर डॉक्टरों ने सुबह से ही ओपीडी का बहिष्कार किया था।
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पर्ची काउंटर बंद होने से दूर दराज से आए मरीज निराश होकर लौटे

मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में हर दिन 400 से 500 मरीज आते हैं। इसमें जौनपुर और आजमगढ़ के लोग शामिल है। मेडिकल कॉलेज में इलाज की व्यवस्था सीनियर व जूनियर रेजिडेंट्स पर ही निर्भर है। विभागाध्यक्ष और अन्य सीनियर डॉक्टर केवल गंभीर मरीजों को ही देखते हैं। आजमगढ़ जिले के खंडावरा क्षेत्र के अरुण सिंह सुबह 6 बजे ही घर से इलाज के लिए जौनपुर के लिए निकले थे। कमर में परेशानी थी। मेडिकल कालेज पहुंचे तो पर्ची काउंटर बंद था। घर से यहां तक आने में 300 रुपये खर्च हो गए। जौनपुर के हरबसपुर निवासी लालबहादुर बेटे के साथ आर्थोपेडिक विभाग में आए थे। लेकिन, हड़ताल के चलते डॉक्टर से नहीं मिले। चिरहियाडीह गांव निवासी सीता पति के साथ त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाने आई थी। दोपहर 12 बजे तक इंतजार के बाद निराश लौटे। पकड़ी ब्लॉक से पहुंची निर्मला देवी ओपीडी में दिखाने के लिए दो दिनों से मेडिकल कॉलेज का चक्कर काट रही है। उनका कहना है कि एक बार आने जाने में 100 से 200 रुपये खर्च हो जाता है।
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