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राशनकार्ड सूची निरस्त करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Thu, 26 Mar 2015 11:51 PM IST
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शाहगंज तहसील के उदयीपुर दीपी गांव के लोगों ने राशन कार्ड की सूची में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि कोटेदार से प्राप्त सूची में अपात्रों का नाम शामिल कर दिया गया है, जबकि तमाम पात्र लोगों का नाम नहीं है।
राम जियावन के नेतृत्व में उदयीपुर दीपी गांव के दर्जनों लोग बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला प्रशासन को पत्रक सौंपकर कहा कि ग्राम सभा में कोटेदार से प्राप्त सूची में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी है। लोगों की आर्थिक स्थिति के
विपरीत आय दिखाई गई है। इस सूची को कहीं भी प्रस्तुत करने पर ग्रामीणों के साथ अन्याय होगा। कहा गया कि लोगों की आर्थिक सि्थति के विपरीत दिखाई गई आय पूरी तरह से गलत है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं
किया जाएगा।सूची में गरीब परिवार, भूमिहीन किसान, जॉब कार्ड धारक की वार्षिक आय दो लाख दिखाई गई है, जबकि बड़े काश्तकार और संपन्न लोगों को श्रमिक वर्ग में रखा गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उक्त सूची को निरस्त करने
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की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मामले की जांच कराकर सर्वेक्षण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से उर्मिला, लीलावती, सावित्री, कलावती, हीरावती, विमला, राधिका, रेखा समेत तमाम महिलाएं और पुरुष शामिल थे।
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इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि कोटेदार से प्राप्त सूची में अपात्रों का नाम शामिल कर दिया गया है, जबकि तमाम पात्र लोगों का नाम नहीं है।
राम जियावन के नेतृत्व में उदयीपुर दीपी गांव के दर्जनों लोग बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला प्रशासन को पत्रक सौंपकर कहा कि ग्राम सभा में कोटेदार से प्राप्त सूची में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी है। लोगों की आर्थिक स्थिति के
विपरीत आय दिखाई गई है। इस सूची को कहीं भी प्रस्तुत करने पर ग्रामीणों के साथ अन्याय होगा। कहा गया कि लोगों की आर्थिक सि्थति के विपरीत दिखाई गई आय पूरी तरह से गलत है और इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं
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किया जाएगा।सूची में गरीब परिवार, भूमिहीन किसान, जॉब कार्ड धारक की वार्षिक आय दो लाख दिखाई गई है, जबकि बड़े काश्तकार और संपन्न लोगों को श्रमिक वर्ग में रखा गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उक्त सूची को निरस्त करने
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की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मामले की जांच कराकर सर्वेक्षण करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से उर्मिला, लीलावती, सावित्री, कलावती, हीरावती, विमला, राधिका, रेखा समेत तमाम महिलाएं और पुरुष शामिल थे।