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दूसरे दिन चली मात्र पांच बसें,10 हजार की हुई आय
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दूसरे दिन चली महज पांच बसें, 10 हजार की आय
- दो दिनों में रोडवेज को हुआ 6.90 लाख का घाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। संपूर्ण बंदी के दूसरे दिन रविवार को महज पांच रोडवेज बसों का संचालन हुआ। यह बसें भंडारी स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में लगी रहीं। इन बसों के संचालन से डिपो को मात्र 10 हजार रुपये की आय हुई। डिपो की अन्य 78 बसें पूरे दिन खड़ी रहीं। बंदी के दो दिनों में रोडवेज को तीन लाख 10 हजार रुपये की आमदनी हुई जबकि आमतौर पर दो दिन में 10 लाख रुपये मिलते हैं।
दो दिनों की संपूर्ण बंदी से जौनपुर रोडवेज डिपो को छह लाख 90 हजार रुपये का घाटा हुआ। पहले दिन डिपो की आठ बसों ने ट्रेनों से आने वाले महज 300 यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया। कुछ बसें लखनऊ, गोरखपुर, सुल्तानपुर, प्रयागराज सहित अन्य स्थानों पर गई थीं, जिन्हें वापसी में इक्का-दुक्का सवारियां ही मिलीं। उनसे कुल तीन लाख रुपये का किराया वसूल किया गया। हुई। दूसरे दिन रविवार को रोडवेज पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। सिर्फ पांच बसों को भंडारी रेलवे स्टेशन पर भेजा गया था। इनमें दो बसों से शाहगंज, दो बसों से आजमगढ़ और एक बस से बदलापुर के लिए 150 यात्री गंतव्य तक पहुंचाए गए। इनसे मात्र 10 हजार रुपये की आय हुई। दो दिनों में मिलाकर मात्र तीन लाख 10 हजार रुपये की आय हुई है, जबकि सामान्य दिनों में रोडवेज डिपो को प्रति दिन पांच लाख रुपये की आय होती थी।
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वर्जन...
दो दिनों के स्पेशल लॉक डाउन में मात्र तीन लाख 10 हजार रुपये की आय हुई। रविवार को पांच बसों का संचालन शाहगंज, आजमगढ़ व बदलापुर के लिए हुआ। इनसे मात्र 150 यात्री अपने गंतव्य को गए। यात्रियों के न होने से अन्य बसों की जरुरत नहीं पड़ी। -विजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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- दो दिनों में रोडवेज को हुआ 6.90 लाख का घाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। संपूर्ण बंदी के दूसरे दिन रविवार को महज पांच रोडवेज बसों का संचालन हुआ। यह बसें भंडारी स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में लगी रहीं। इन बसों के संचालन से डिपो को मात्र 10 हजार रुपये की आय हुई। डिपो की अन्य 78 बसें पूरे दिन खड़ी रहीं। बंदी के दो दिनों में रोडवेज को तीन लाख 10 हजार रुपये की आमदनी हुई जबकि आमतौर पर दो दिन में 10 लाख रुपये मिलते हैं।
दो दिनों की संपूर्ण बंदी से जौनपुर रोडवेज डिपो को छह लाख 90 हजार रुपये का घाटा हुआ। पहले दिन डिपो की आठ बसों ने ट्रेनों से आने वाले महज 300 यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया। कुछ बसें लखनऊ, गोरखपुर, सुल्तानपुर, प्रयागराज सहित अन्य स्थानों पर गई थीं, जिन्हें वापसी में इक्का-दुक्का सवारियां ही मिलीं। उनसे कुल तीन लाख रुपये का किराया वसूल किया गया। हुई। दूसरे दिन रविवार को रोडवेज पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। सिर्फ पांच बसों को भंडारी रेलवे स्टेशन पर भेजा गया था। इनमें दो बसों से शाहगंज, दो बसों से आजमगढ़ और एक बस से बदलापुर के लिए 150 यात्री गंतव्य तक पहुंचाए गए। इनसे मात्र 10 हजार रुपये की आय हुई। दो दिनों में मिलाकर मात्र तीन लाख 10 हजार रुपये की आय हुई है, जबकि सामान्य दिनों में रोडवेज डिपो को प्रति दिन पांच लाख रुपये की आय होती थी।
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दो दिनों के स्पेशल लॉक डाउन में मात्र तीन लाख 10 हजार रुपये की आय हुई। रविवार को पांच बसों का संचालन शाहगंज, आजमगढ़ व बदलापुर के लिए हुआ। इनसे मात्र 150 यात्री अपने गंतव्य को गए। यात्रियों के न होने से अन्य बसों की जरुरत नहीं पड़ी। -विजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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