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गोमती के किनारे पानी में डूब गई एक सौ एकड़ फसल
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10- गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद डोभी क्षेत्र के वरमलपुर गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। गंगा के पलट प्रवाह के चलते गोमती का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। केराकत और चंदवक इलाके में सौ एकड़ से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। बरमलपुर गांव की सड़क पानी में डूब गई है। लोगों को डेढ़ किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है। भीतरी और गोबरा गांव का संपर्क बंधा टूटने से कट गया है। नदी का पानी बस्ती की ओर बढ़ रहा है।
गोमती नदी गाजीपुर के कैथी के पास गंगा नदी में मिलती है। गंगा में आई बाढ़ के चलते गोमती नदी के पानी का बहाव थम गया है। जलस्तर बढ़ रहा है। शहर में अभी बाढ़ का असर खास नहीं दिख रहा है। शाहीपुल के पास 24 घंटे मे करीब एक फीट पानी चढ़ा है। केराकत और चंदवक इलाके में नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। डोभी में नदी के तटवर्ती वरमलपुर, बरईछ, वलुआ ,विजयीपुर, चौबेपुर, चंदवकघाट, चवरवर, सारेपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। फसल पानी में डूब गई है। बरमलपुर गांव का मुख्य मार्ग डूब गया है। सड़क ढाई फीट पानी भर गया है। लोगों को डेढ़ किलोमीटर चक्कर लगाकर चंदवक जाना पड़ रहा है। प्रधान धीरू सिंह और अमर सेन के मकान तक पानी पहुंच चुका है।
केराकत क्षेत्र के भीतरी गांव में बना बंधा पानी के दबाव के कारण टूट गया, जिसके चलते तराई क्षेत्र की 50 एकड़ फसल पानी में डूब गयी। एडीए वित्त एवं राजस्व आरपी मिश्र का कहना है कि जले में बाढ़ जैसी आपदा के निबटने के लिए तायारी पूरी कर ली गई है लेकिन अभी घबराने की कोई बात नहीं है। बदलापुर तहसील क्षेत्र की तीन नदियों गोमती , सई तथा पीली का जलस्तर ब ढञने लगा है। एसडीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इन नदियों में बाढ़ से 76 गांवों की 5347 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो जाती है और 37868 की जनसंख्या प्रभावित होती है। बाढ़ राहत चौकियों, नावों और रसद आदि का इंतजाम कर लिया गया है।
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गोमती नदी गाजीपुर के कैथी के पास गंगा नदी में मिलती है। गंगा में आई बाढ़ के चलते गोमती नदी के पानी का बहाव थम गया है। जलस्तर बढ़ रहा है। शहर में अभी बाढ़ का असर खास नहीं दिख रहा है। शाहीपुल के पास 24 घंटे मे करीब एक फीट पानी चढ़ा है। केराकत और चंदवक इलाके में नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है। डोभी में नदी के तटवर्ती वरमलपुर, बरईछ, वलुआ ,विजयीपुर, चौबेपुर, चंदवकघाट, चवरवर, सारेपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। फसल पानी में डूब गई है। बरमलपुर गांव का मुख्य मार्ग डूब गया है। सड़क ढाई फीट पानी भर गया है। लोगों को डेढ़ किलोमीटर चक्कर लगाकर चंदवक जाना पड़ रहा है। प्रधान धीरू सिंह और अमर सेन के मकान तक पानी पहुंच चुका है।
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केराकत क्षेत्र के भीतरी गांव में बना बंधा पानी के दबाव के कारण टूट गया, जिसके चलते तराई क्षेत्र की 50 एकड़ फसल पानी में डूब गयी। एडीए वित्त एवं राजस्व आरपी मिश्र का कहना है कि जले में बाढ़ जैसी आपदा के निबटने के लिए तायारी पूरी कर ली गई है लेकिन अभी घबराने की कोई बात नहीं है। बदलापुर तहसील क्षेत्र की तीन नदियों गोमती , सई तथा पीली का जलस्तर ब ढञने लगा है। एसडीएम अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इन नदियों में बाढ़ से 76 गांवों की 5347 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो जाती है और 37868 की जनसंख्या प्रभावित होती है। बाढ़ राहत चौकियों, नावों और रसद आदि का इंतजाम कर लिया गया है।
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