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Jaunpur News: नवरात्र के पहले दिन 55 हजार श्रद्धालुओं ने शीतला धाम में टेका मत्था
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धर्मापुर। नवरात्र के पहले दिन शीतला चौकिया धाम में माता का शृंगार पांच साड़ियों से किया गया। अलग- अलग रंगों की साड़ियों में सजी माता की छवि देखने को श्रद्धालुओं का रेला सुबह से ही उमड़ा था। मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि पहले दिन करीब 55 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
मां शीतला चौकियां धाम में नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। शीतला चौकियां में आये हुए श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर बारी- बारी से दर्शन पूजन किया।
महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि शैल का अर्थ होता है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण माता पार्वती को शैलपुत्री भी कहा जाता है।
पार्वती के रूप में इन्हें भगवान शंकर की पत्नी के रूप में भी जाना जाता है। वृषभ (बैल) इनका वाहन होने के कारण इन्हें वृषभारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा पूर्वक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा उपासना की जाती है, उसकी सभी मनोकामानएं पूरी होती हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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इनकी आराधना करने से मनोवांछित फल मिलता है। शीतला चौकियां धाम में प्रातः काल 5 बजे मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य शृंगार कर मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने आरती-पूजन किया।
मां शीतला को पांच साड़ियों का वस्त्र धारण कराया गया तथा गुलाब, गेंदा व अड़हुल के फूल से माला पहनाकर शृंगार किया गया। प्रथम दिन राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने मां शीतला का दर्शन पूजन किए।
चौकियां धाम में नवरात्र पर्व को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा पुख्ता इंतजाम थे। मंदिर के मुख्य द्वार पर महिला और पुलिस के सिपाही बारी-बारी से भीड़ को छोड़ रहे थे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन होने से किसी को भी समस्या नहीं हुई।
बदलापुर: नवरात्र के पहले दिन रविवार को देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने वैष्णो माता मंदिर हरिदासपट्टी, मैहर माता मंदिर हकारपुर, राज राजेश्वरी काली माता मंदिर सरोखनपुर में दर्शन पूजन किए। गावों में चौरा माता मंदिर पर भक्तों ने नारियल, चुनरी, भोग प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया।
सिंगरामऊ : आस्था के केंद्र के साथ ऐतिहासिकता का प्रमाण है अति प्राचीनतम सिद्ध पीठ महाकाली धाम मंदिर में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से ही भक्त बारी बारी से मंदिर में मत्था टेकते रहे। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस मुस्तैद रही।
सुइथाकला : पश्चिमांचल स्थित देवी धाम बसौली में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेका। मंदिर में दर्शन के लिए आए भक्तों में उत्साह एवं उल्लास दिखा। मुख्य पुजारी पंडित रमेश तिवारी ने बताया कि नवरात्र का प्रथम दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है।
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मां शीतला चौकियां धाम में नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। शीतला चौकियां में आये हुए श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर बारी- बारी से दर्शन पूजन किया।
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महंत विवेकानंद पंडा ने बताया कि शैल का अर्थ होता है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण माता पार्वती को शैलपुत्री भी कहा जाता है।
पार्वती के रूप में इन्हें भगवान शंकर की पत्नी के रूप में भी जाना जाता है। वृषभ (बैल) इनका वाहन होने के कारण इन्हें वृषभारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा पूर्वक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा उपासना की जाती है, उसकी सभी मनोकामानएं पूरी होती हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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इनकी आराधना करने से मनोवांछित फल मिलता है। शीतला चौकियां धाम में प्रातः काल 5 बजे मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य शृंगार कर मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने आरती-पूजन किया।
मां शीतला को पांच साड़ियों का वस्त्र धारण कराया गया तथा गुलाब, गेंदा व अड़हुल के फूल से माला पहनाकर शृंगार किया गया। प्रथम दिन राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने मां शीतला का दर्शन पूजन किए।
चौकियां धाम में नवरात्र पर्व को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा पुख्ता इंतजाम थे। मंदिर के मुख्य द्वार पर महिला और पुलिस के सिपाही बारी-बारी से भीड़ को छोड़ रहे थे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन होने से किसी को भी समस्या नहीं हुई।
बदलापुर: नवरात्र के पहले दिन रविवार को देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने वैष्णो माता मंदिर हरिदासपट्टी, मैहर माता मंदिर हकारपुर, राज राजेश्वरी काली माता मंदिर सरोखनपुर में दर्शन पूजन किए। गावों में चौरा माता मंदिर पर भक्तों ने नारियल, चुनरी, भोग प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया।
सिंगरामऊ : आस्था के केंद्र के साथ ऐतिहासिकता का प्रमाण है अति प्राचीनतम सिद्ध पीठ महाकाली धाम मंदिर में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से ही भक्त बारी बारी से मंदिर में मत्था टेकते रहे। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस मुस्तैद रही।
सुइथाकला : पश्चिमांचल स्थित देवी धाम बसौली में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेका। मंदिर में दर्शन के लिए आए भक्तों में उत्साह एवं उल्लास दिखा। मुख्य पुजारी पंडित रमेश तिवारी ने बताया कि नवरात्र का प्रथम दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है।