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Jaunpur News: आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल माह से नहीं पहुंचा पोषाहार
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पोषाहार वितरण की खबर में फोटो- भावना मिश्रा, सहकारी कॉलोनी
जौनपुर। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों, गर्भवती-धात्री महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषाहार बंटवाया जाता है। बाल विकास एवं पुष्टहार विभाग की ओर से संचालित यह योजना अप्रैल माह से ठप है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब नए रेसिपी के तहत पोषाहार वितरण किया जाएगा, इससे वितरण में विलंब हुआ।
जिले में 5321 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर तीन लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहर वितरण के साथ ही हाट कुक्ड योजना लागू हैं। बच्चों संग गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार दिया जाता है। शिक्षा के साथ इन केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है। केंद्र पर कुपोषित बच्चों और गर्भवती को हर माह पोषाहार वितरित किया जाता है, लेकिन बीते अप्रैल, मई, जून माह में पुष्टाहार वितरण नहीं किया गया है।
नया मेन्यू, परोसा जाएगा हलवा, बर्फी और खिचड़ी
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पहले पुष्टाहार में तेल, दाल और दलिया दिया जाता था, लेकिन अब उनमें शासन की ओर से बदलाव किया गया है। अब विभिन्न आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार सात प्रकार के रेसिपी आधारित उत्पाद निर्धारित किए हैं। इनमें शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण, आरोग्य पोषण शामिल किए हैं। इसमें आटा-बेसन-हलवा, आटा-बेसन बर्फी, दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी और अतिकुपोषित बच्चों को विशेष रूप से तैयार ऊर्जा युक्त हलवा मिलेगा। अप्रैल माह का पुष्टाहार आ गया है जल्द मेन्यू के हिसाब से वितरण कराया जाएगा।
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अप्रैल माह से पोषाहार नहीं आया है, जिससे बच्चे को सुपोसित आहार नहीं मिल पा रहा है। कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछा भी, लेकिन जवाब मिला की अभी तक पुष्टाहार नहीं आया है।-रेशम राजभर, पाराकमाल गांव, खेतासराय
जनवरी तक ही पोषाहार मिला है। कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर पूछने पर बताया गया कि अभी तक पोषाहार नहीं आया आने पर दिया जाएगा।-भावना मिश्रा, सहकारी कालोनी जौनपुर
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जिले में 5321 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर तीन लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहर वितरण के साथ ही हाट कुक्ड योजना लागू हैं। बच्चों संग गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार दिया जाता है। शिक्षा के साथ इन केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है। केंद्र पर कुपोषित बच्चों और गर्भवती को हर माह पोषाहार वितरित किया जाता है, लेकिन बीते अप्रैल, मई, जून माह में पुष्टाहार वितरण नहीं किया गया है।
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नया मेन्यू, परोसा जाएगा हलवा, बर्फी और खिचड़ी
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पहले पुष्टाहार में तेल, दाल और दलिया दिया जाता था, लेकिन अब उनमें शासन की ओर से बदलाव किया गया है। अब विभिन्न आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार सात प्रकार के रेसिपी आधारित उत्पाद निर्धारित किए हैं। इनमें शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण, आरोग्य पोषण शामिल किए हैं। इसमें आटा-बेसन-हलवा, आटा-बेसन बर्फी, दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी और अतिकुपोषित बच्चों को विशेष रूप से तैयार ऊर्जा युक्त हलवा मिलेगा। अप्रैल माह का पुष्टाहार आ गया है जल्द मेन्यू के हिसाब से वितरण कराया जाएगा।
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अप्रैल माह से पोषाहार नहीं आया है, जिससे बच्चे को सुपोसित आहार नहीं मिल पा रहा है। कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछा भी, लेकिन जवाब मिला की अभी तक पुष्टाहार नहीं आया है।-रेशम राजभर, पाराकमाल गांव, खेतासराय
जनवरी तक ही पोषाहार मिला है। कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर पूछने पर बताया गया कि अभी तक पोषाहार नहीं आया आने पर दिया जाएगा।-भावना मिश्रा, सहकारी कालोनी जौनपुर

पोषाहार वितरण की खबर में फोटो- भावना मिश्रा, सहकारी कॉलोनी