{"_id":"614e140a8ebc3e0386088243","slug":"now-fear-of-flood-of-infectious-diseases-in-low-lying-areas-jaunpur-news-vns6135284146","type":"story","status":"publish","title_hn":"निचले इलाकों में अब संक्रामक रोगों की बाढ़ का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निचले इलाकों में अब संक्रामक रोगों की बाढ़ का डर
विज्ञापन
बदलापुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते विधायक रमेश मिश्रा। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सई और गोमती नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। लेकिन, अब नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के बाद संक्र ामक रोगों की बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अब अधिकारी और जनप्रतिनिधि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने निकल रहे हैं। शुक्रवार को बदलापुर तहसील क्षेत्र के कई इलाकों में विधायक रमेशचंद्र मिश्रा और एसडीएम संजय मिश्र ने निरीक्षण किया।
गोमती का जल स्तर शुक्रवार की शाम 22 फीट के निशान पर था। वहीं, बलुआ घाट, चकप्यार अली, शेखपुर इलाके में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां मच्छरजनित रोग, डायरिया, टाइफाइड, डेंगू और सर्पदंश की घटनाओं को लेकर लोग सहमे हुए हैं। हालांकि एंटी लार्वा और फागिंग कराने का निर्देश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने दिया है। लेकिन, अब तक प्रशासनिक स्तर से की गई व्यवस्थाओं से लोग संतुष्ट नहीं है। वो इसे सिर्फ कोरम पूर्ति बता रहे हैं। वहीं, जिला महामारी रोग विशेष डा. जियाउल हक ने बताया कि पानी उबाल करके पीएं। एंटी लार्वा दवा और फागिंग कराए। पानी में फ्लोरिन की टिकिया डालकर पीएं। सफाई पर विशेष ध्यान दें। साथ ही बुखार आने पर चिकित्सक से सीधे संपर्क करें।
वहीं बदलापुर में विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने गढ़ा गोपालापुर, अहियापुर, शाहपुर सानी, सम्मनपुर सियरावसी, गुलरा गांव का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों से कुशलक्षेम लिया। मौके पर उपस्थित एसडीएम संजय मिश्र, कानूनगो अनिल तिवारी, लेखपाल राज मोहम्मद अंसारी, गजेंद्र से वार्ता कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराकर फ़सलों की क्षतिपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मौके पर भाजपा के जिलामंत्री अवधेश यादव, गंगा प्रसाद सिंह, ग्राम प्रधान संदीप पाठक, विनोद तिवारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जौनपुर। नगर पालिका परिषद में कहीं भी एंटी लार्वा और फागिंग होता नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकांश कालोनियों में सफाई की मौजूदा हालत ने नगर पालिका के दावे की कलई खोल दी है। हल्की सी बारिश होने पर ही नालियों का पानी सड़क पर आ जाता है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लेकिन, अधिकारी अपने दफ्तर और आवास को परिसर को लेकर जरूर गंभीर हैं। कुछ ऐसी ही शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में देखा गया। जहां कुछ मच्छर से बचने के लिए छिड़काव कराया गया।
विज्ञापन
गोमती का जल स्तर शुक्रवार की शाम 22 फीट के निशान पर था। वहीं, बलुआ घाट, चकप्यार अली, शेखपुर इलाके में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां मच्छरजनित रोग, डायरिया, टाइफाइड, डेंगू और सर्पदंश की घटनाओं को लेकर लोग सहमे हुए हैं। हालांकि एंटी लार्वा और फागिंग कराने का निर्देश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने दिया है। लेकिन, अब तक प्रशासनिक स्तर से की गई व्यवस्थाओं से लोग संतुष्ट नहीं है। वो इसे सिर्फ कोरम पूर्ति बता रहे हैं। वहीं, जिला महामारी रोग विशेष डा. जियाउल हक ने बताया कि पानी उबाल करके पीएं। एंटी लार्वा दवा और फागिंग कराए। पानी में फ्लोरिन की टिकिया डालकर पीएं। सफाई पर विशेष ध्यान दें। साथ ही बुखार आने पर चिकित्सक से सीधे संपर्क करें।
विज्ञापन
वहीं बदलापुर में विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने गढ़ा गोपालापुर, अहियापुर, शाहपुर सानी, सम्मनपुर सियरावसी, गुलरा गांव का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों से कुशलक्षेम लिया। मौके पर उपस्थित एसडीएम संजय मिश्र, कानूनगो अनिल तिवारी, लेखपाल राज मोहम्मद अंसारी, गजेंद्र से वार्ता कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराकर फ़सलों की क्षतिपूर्ति सहित अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान मौके पर भाजपा के जिलामंत्री अवधेश यादव, गंगा प्रसाद सिंह, ग्राम प्रधान संदीप पाठक, विनोद तिवारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जौनपुर। नगर पालिका परिषद में कहीं भी एंटी लार्वा और फागिंग होता नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकांश कालोनियों में सफाई की मौजूदा हालत ने नगर पालिका के दावे की कलई खोल दी है। हल्की सी बारिश होने पर ही नालियों का पानी सड़क पर आ जाता है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लेकिन, अधिकारी अपने दफ्तर और आवास को परिसर को लेकर जरूर गंभीर हैं। कुछ ऐसी ही शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में देखा गया। जहां कुछ मच्छर से बचने के लिए छिड़काव कराया गया।