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कम नहीं हुई गलन, दिन भर ठिठुरते रहे लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 18 Jan 2015 11:34 PM IST
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घने बदलों के बीच सरसराती सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से ठंड से कांप रहे लोगों को रविवार को भी राहत नहीं मिली। जिले का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन शीतलहरी के कारण बढ़ी गलन से लोग दिनभर ठिठुरते रहे।
कपड़े के अंदर भी हाथ,पांव में गलन होने के चलते ज्यादातर लोग घर के अंदर रहे। घर और बाहर भी लोग अलाव तापते रहे। ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी ने आठवीं तक के सभी शिक्षण संस्थानों को 21 जनवरी तक के लिए बंद रखने के आदेश दिए है।
जिले में सर्दी का रौद्र रूप जारी है। रविवार को कुछ देर के लिए धूप का दर्शन हुआ तो लोग घरों की छत पर आ गए लेकिन थोड़ी ही देर में बादलों ने सूर्य को ढक लिया। बदली रहने के कारण दिनभर गलन और भी बढ़ गई। इस बीच शीत लहर ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी। सिर से पांव तक गर्म कपड़ों से कसे रहने के बावजूद ठंड ने लोगों को शरीर सीधा करने की फुरसत नहीं दी।
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ठंड का असर कम करने के लिए जगह-जगह लोग अलाव से चिपके रहे। पछुआ हवाओं ने पूरे दिन बदली का माहौल बनाए रखा। इस बीच जब तब सूर्यदेव बादलों के बीच से झांके भी तो महज चंद मिनटों के लिए। शाम पांच बजते-बजते मौसम में घटे नमी के स्तर ने सूरज ढलते ही रात का एहसास कराना शुरू कर दिया और लोग घरों में सिमटने लगे। ठंड का असर यातायात पर भी पड़ा।
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कपड़े के अंदर भी हाथ,पांव में गलन होने के चलते ज्यादातर लोग घर के अंदर रहे। घर और बाहर भी लोग अलाव तापते रहे। ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी ने आठवीं तक के सभी शिक्षण संस्थानों को 21 जनवरी तक के लिए बंद रखने के आदेश दिए है।
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जिले में सर्दी का रौद्र रूप जारी है। रविवार को कुछ देर के लिए धूप का दर्शन हुआ तो लोग घरों की छत पर आ गए लेकिन थोड़ी ही देर में बादलों ने सूर्य को ढक लिया। बदली रहने के कारण दिनभर गलन और भी बढ़ गई। इस बीच शीत लहर ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी। सिर से पांव तक गर्म कपड़ों से कसे रहने के बावजूद ठंड ने लोगों को शरीर सीधा करने की फुरसत नहीं दी।
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ठंड का असर कम करने के लिए जगह-जगह लोग अलाव से चिपके रहे। पछुआ हवाओं ने पूरे दिन बदली का माहौल बनाए रखा। इस बीच जब तब सूर्यदेव बादलों के बीच से झांके भी तो महज चंद मिनटों के लिए। शाम पांच बजते-बजते मौसम में घटे नमी के स्तर ने सूरज ढलते ही रात का एहसास कराना शुरू कर दिया और लोग घरों में सिमटने लगे। ठंड का असर यातायात पर भी पड़ा।