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Jaunpur News: पुत्र की दीर्घायु के लिए रखा निर्जला व्रत
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जीवितपुत्रिका का पर्व शुक्रवार को पूरी श्रद्धा के साथ जिले भर में मनाया गया। महिलाओं ने पुत्र की कामना और उनके दीर्घायु के लिए जीउतिया का व्रत रखा। वहीं फल और मिठाई के साथ ही पूजा सामग्री खरीदने के लिए सुबह से ही बाजार में भीड़ रही। व्रत के चलते बाजारों में फलों के दाम भी बढ़े रहे। सुबह से दोपहर बाद तक फल और मिठाई आदि की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही।
शाम को पूजन के लिए मंदिरों पर एकत्रित हुई। शहर के पालीटेक्निक चौराहा, मछलीशहर पड़ाव, नईगंज, कचहरी समेत ग्रामीण इलाकों में पूजन को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह भी रहा। इसके मद्देनजर दोपहर से मंदिराें के आसपास दुकानें सजने लगी थी। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत रखने से संतान के कष्ट दूर हो जाते हैं और उन्हें लंबी आयु मिलती है। महाभारत काल से इस व्रत की परंपरा शुरू हुई है। इस व्रत के प्रभाव से ही अश्वत्थामा के अमोघ अस्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा हुई थी और राजा परीक्षित को भी जीवनदान मिला था। इसी उम्मीद को लेकर महिलाएं जीवितपुत्रिका का व्रत रखती हैं।
सिकरारा : क्षेत्र में जीवितपुत्रिका का निर्जला व्रत रखते हुए शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने सायं चार बजे पवित्र नदी व तालाब के किनारे पहुंच कर पूजन अर्चन किया। थाल में पांच फल, मिष्ठान,वस्त्र आदि के अलावा पूजन सामग्री लिए डीजे की धुन पर भजन गाती समूह में पहुंची महिलाओं ने जियुतिया माता की कथा का श्रवण कर हवन करते हुए अपने पुत्रों की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। इसी क्रम में क्षेत्र के शेरवा गांव स्थित पावन हनुमानगढ़ी धाम के तालाब किनारे आस पास के कई गांवों की महिलाओं ने पूजन अर्चन किया देर रात तक सोहर,पचरा और भजन के मधुर स्वर सुनायी देते रहे।
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शाम को पूजन के लिए मंदिरों पर एकत्रित हुई। शहर के पालीटेक्निक चौराहा, मछलीशहर पड़ाव, नईगंज, कचहरी समेत ग्रामीण इलाकों में पूजन को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह भी रहा। इसके मद्देनजर दोपहर से मंदिराें के आसपास दुकानें सजने लगी थी। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत रखने से संतान के कष्ट दूर हो जाते हैं और उन्हें लंबी आयु मिलती है। महाभारत काल से इस व्रत की परंपरा शुरू हुई है। इस व्रत के प्रभाव से ही अश्वत्थामा के अमोघ अस्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा हुई थी और राजा परीक्षित को भी जीवनदान मिला था। इसी उम्मीद को लेकर महिलाएं जीवितपुत्रिका का व्रत रखती हैं।
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सिकरारा : क्षेत्र में जीवितपुत्रिका का निर्जला व्रत रखते हुए शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने सायं चार बजे पवित्र नदी व तालाब के किनारे पहुंच कर पूजन अर्चन किया। थाल में पांच फल, मिष्ठान,वस्त्र आदि के अलावा पूजन सामग्री लिए डीजे की धुन पर भजन गाती समूह में पहुंची महिलाओं ने जियुतिया माता की कथा का श्रवण कर हवन करते हुए अपने पुत्रों की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। इसी क्रम में क्षेत्र के शेरवा गांव स्थित पावन हनुमानगढ़ी धाम के तालाब किनारे आस पास के कई गांवों की महिलाओं ने पूजन अर्चन किया देर रात तक सोहर,पचरा और भजन के मधुर स्वर सुनायी देते रहे।
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