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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से गुणवत्ता में आएगा सुधार
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उच्च शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में अभी बहुत परिवर्तन की आवश्यकता है। सदियों से देश गुलाम था, जो अब जाकर समाज व सत्ता में बहुत परिवर्तन कर पाया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति धरातल पर आएगी, सभी शिक्षा व्यवस्था में सुधार व समाज का विकास होगा। वह बृहस्पतिवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भैया सभागार में अभिनंदन समारोह में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी। अब उससे निकलकर शिक्षा व्यवस्था गुणवत्ता की ओर बढ़ रही है। शिक्षा में परिवर्तन व वशीकरण से भारत के नेतृत्व को विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था से विश्व पटल पर पहचान के लिए शिक्षा नीति में परिवर्तन होना जरूरी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर लाने के लिए विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में शिक्षकों की भूमिका जरूरी है। जिसमें मिट्टी मेधा सोचकर सम्मान करें । इससे परिवेश व चिंतन आचार विचार व समाज के साथ जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि कालेज नैक से भागे नहीं बल्कि नैक कराएं। इससे उनकी ग्रेडिंग बढ़ेगी और उनके यहां पठन-पाठन में सुधार आएगा।
कानपुर की महापौर विशिष्ट अतिथि प्रमिला पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है कि नारी सशक्तिकरण आज मुख्यधारा में है। महिलाओं को सम्मान सभी क्षेत्रों में मिला है। विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि प्रबंधकों की जो समस्याएं हैं, उसके निदान के लिए हम उनके संगठन के साथ खड़े हैं। कहा कि विश्वविद्यालय के बंटवारे से संकट जरूर पैदा हुआ है , लेकिन इसके निदान के लिए वह शासन से मांग करेंगी कि विश्वविद्यालय में आसपास के जिलों को काटकर तीन जिले और शामिल किए जाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने आगंतुकों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी व सूर्यभान यादव, संजीव सिंह, संरक्षक अशोक दुबे ने पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। डॉ. राकेश कुमार यादव ने स्वागत किया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार. वित्त अधिकारी संजय राय ,परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह, अमृतलाल पटेल, दीपक सिंह, शिक्षक संघ के अध्यक्ष विजय सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. ज्ञान प्रकाश पाठक, रत्नेश तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी। अब उससे निकलकर शिक्षा व्यवस्था गुणवत्ता की ओर बढ़ रही है। शिक्षा में परिवर्तन व वशीकरण से भारत के नेतृत्व को विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था से विश्व पटल पर पहचान के लिए शिक्षा नीति में परिवर्तन होना जरूरी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर लाने के लिए विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में शिक्षकों की भूमिका जरूरी है। जिसमें मिट्टी मेधा सोचकर सम्मान करें । इससे परिवेश व चिंतन आचार विचार व समाज के साथ जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि कालेज नैक से भागे नहीं बल्कि नैक कराएं। इससे उनकी ग्रेडिंग बढ़ेगी और उनके यहां पठन-पाठन में सुधार आएगा।
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कानपुर की महापौर विशिष्ट अतिथि प्रमिला पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है कि नारी सशक्तिकरण आज मुख्यधारा में है। महिलाओं को सम्मान सभी क्षेत्रों में मिला है। विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि प्रबंधकों की जो समस्याएं हैं, उसके निदान के लिए हम उनके संगठन के साथ खड़े हैं। कहा कि विश्वविद्यालय के बंटवारे से संकट जरूर पैदा हुआ है , लेकिन इसके निदान के लिए वह शासन से मांग करेंगी कि विश्वविद्यालय में आसपास के जिलों को काटकर तीन जिले और शामिल किए जाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने आगंतुकों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी व सूर्यभान यादव, संजीव सिंह, संरक्षक अशोक दुबे ने पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। डॉ. राकेश कुमार यादव ने स्वागत किया। इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार. वित्त अधिकारी संजय राय ,परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह, अमृतलाल पटेल, दीपक सिंह, शिक्षक संघ के अध्यक्ष विजय सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. ज्ञान प्रकाश पाठक, रत्नेश तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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