{"_id":"67d9c231cf115cc77d054ff7","slug":"new-employment-related-courses-will-start-in-east-university-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-131344-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: पूविवि में शुरू होंगे रोजगार परक नए पाठ्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: पूविवि में शुरू होंगे रोजगार परक नए पाठ्यक्रम
विज्ञापन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कुलपति सभागार में विद्या परिषद की बैठक हुई। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में नए पाठ्यक्रमों शुरू करने समेत अन्य निर्णय लिए गए।
विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे पाठ्यक्रमों शुरू कर विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार दिलाने पर बल दिया गया। इसके तहत एमसीए के चार वर्षीय इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम को परिसर में प्रारंभ करने के लिए विचार किया गया। इस पाठ्यक्रम में 12 वीं के बाद विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। वैश्विक सॉफ्टवेयर उद्योग को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में विशेष कौशल को विकसित करने के लिए इस पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।
इसके साथ फूड टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर सहमति बनी। भारतीय ज्ञान विज्ञान को विद्यार्थियों से परिचित कराने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रम के अंतर्गत एक वर्षीय वैदिक ज्योतिष डिप्लोमा पाठ्यक्रम, एक वर्षीय वैदिक कर्मकांड डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं एक वर्षीय वैदिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा पाठ्यक्रम के संचालन पर अध्ययन परिषद ने सहमति दी।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालय में स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध कोर्सेज को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने के लिए अध्ययन परिषद के संयोजकों द्वारा स्वयं पाठ्यक्रम पर चर्चा की। इसके साथ ही शोध निदेशक बनाए जाने के लिए गठित समिति की संस्तुतियों पर विभिन्न विषयों के 84 शोध निर्देशक बनाने पर सहमति दी।
इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनोद कुमार सिंह, प्रो.मानस पांडेय, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.राजेश सिंह, प्रो.सौरभ पाल, प्रो.अजय प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे पाठ्यक्रमों शुरू कर विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार दिलाने पर बल दिया गया। इसके तहत एमसीए के चार वर्षीय इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम को परिसर में प्रारंभ करने के लिए विचार किया गया। इस पाठ्यक्रम में 12 वीं के बाद विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। वैश्विक सॉफ्टवेयर उद्योग को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में विशेष कौशल को विकसित करने के लिए इस पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।
विज्ञापन
इसके साथ फूड टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर सहमति बनी। भारतीय ज्ञान विज्ञान को विद्यार्थियों से परिचित कराने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रम के अंतर्गत एक वर्षीय वैदिक ज्योतिष डिप्लोमा पाठ्यक्रम, एक वर्षीय वैदिक कर्मकांड डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं एक वर्षीय वैदिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा पाठ्यक्रम के संचालन पर अध्ययन परिषद ने सहमति दी।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालय में स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध कोर्सेज को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने के लिए अध्ययन परिषद के संयोजकों द्वारा स्वयं पाठ्यक्रम पर चर्चा की। इसके साथ ही शोध निदेशक बनाए जाने के लिए गठित समिति की संस्तुतियों पर विभिन्न विषयों के 84 शोध निर्देशक बनाने पर सहमति दी।
इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनोद कुमार सिंह, प्रो.मानस पांडेय, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.राजेश सिंह, प्रो.सौरभ पाल, प्रो.अजय प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया।