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विद्यालयों में नहीं अंकित हो सके सफल पुरातन छात्रों के नाम

Fri, 03 Jun 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:30 PM IST
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Names of successful old students could not be entered in schools
जौनपुर। पुरातन छात्र समाज की विरासत है। सफल पुरातन छात्रों के अनुभवों को साझा कर नई पीढ़ी काफी कुछ नया सीख सकती है। शासन स्तर से वर्ष 2021 में मिशन गौरव अभियान शुरू किया था। इसके तहत सफल विद्यार्थियों की सूची विद्यालयों में लगाने का निर्देश दिया गया था।
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पुरातन छात्र सम्मेलन कराने की भी योजना थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण यह अभियान पूरा नहीं हो पाया। कुछ प्राथमिक विद्यालयों ने सफल छात्रों की सूची तैयार कर उनका नाम अंकित कर दिया है। शेष में 15 जुलाई तक पुरातन छात्र सम्मेलन कराने की तैयारी है। परिषदीय विद्यालयों में स्वतंत्रता सेनानियों के साथ क्रांतिकारियों की जयंती मनाई जाती है ताकि छात्र देश के इतिहास से परिचित हो सकें। पुरातन छात्रों से मिलकर बचपन याद आ जाता है। पुराने सहपाठियों से मिलकर जीवन में एक नई स्फूर्ति, नई चेतना महसूस होती है। गांव-गलियों में पारंपरिक खेल उसमें हारने-जीतने का कोई गम नहीं। शरारतों का उलाहना मिलने पर मां और पिता से पीटने का अनुभव आज भी जेहन में है। इसे यादकर दोस्तों से खूब हंसीठिठोली हुई। शहरी जीवन मशीनी बनकर रह गया है। किसी को किसी से मिलने की फुर्सत नहीं। मोबाइल न हो तो हालचाल भी न मिल पाए।
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सीडीएफडी में वैज्ञानिक हैं डा. विनोद
सिकरारा। क्षेत्र के कलवारी के मूल निवासी तथा हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट एंड डायग्नस्टिक्स (सीडीएफडी) के सीनियर साइंटिस्ट विनोद कुमार मिश्र का जन्म एक मध्यमवर्गीय कुलीन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। गांव के प्रख्यात डीएनए वैज्ञानिक पद्मश्री डा. लालजी सिंह को अपना आदर्श मानने वाले श्री मिश्र बताते हैं कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्होंने विश्वविख्यात साइंटिस्ट के मार्गदर्शन में पढ़ाई पूरी कर उन्हीं के निर्देशन में देश के सर्वोच्च संस्थान में काम करना शुरू किया। वह कहते हैं कि डा. लालजी का असमय जाना देश की क्षति के साथ व्यक्तिगत उनके लिए बहुत ही पीड़ादायक रहा। प्रारंभिक शिक्षा गांव से तथा इंटरमीडिएट प्रतापगंज से, स्नातक व परास्नातक टीडी कालेज पूरा किया। 1996 में हैदराबाद आ गए। डा. लालजी सिंह के निर्देशन में सीसीएमबी प्रयोगशाला के सीडीएफडी अनुभाग में बतौर कनिष्ठ वैज्ञानिक कार्य करना शुरू किया। वर्तमान में एसईएफ विभाग के हेड हैं।
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पुरातन छात्रों की सूची विद्यालयों में लगाने का निर्देश प्रधानाध्यापकों को दे दिया गया है। कुछ विद्यालयों में तो पुरातन छात्रों की सूची लगा दी गई है। 15 जून के पहले विद्यालयों में पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। विद्यालय के ऐसे छात्र जो ऊंचे ओहदे पर पहुंचे है, उनकी सूची तैयार कराई जा रही है। - डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए जौनपुर

मिशन गौरव 2021 में शुरू हुआ था। पुरातन छात्रों की सूची अपलोड करने को कहा गया था। सूची अपलोड कर दी गई थी लेकिन आगे की कोई रूपरेखा नहीं तय हो पाई। कोई समय में भी नहीं तय किया गया कि कब तक इसे पूरा करना है। ऊपर से भी आदेश नहीं मिला, जिसके कारण अभियान अधर में है। - राजकुमार पंडित, डीआईओएस जौनपुर
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