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मवेशियाें की सुरक्षा के लिए पहरा दे रहे रातभर
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:59 AM IST
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पशु तस्करी की बढ़ती घटनाओं को लेकर ग्रामीण खौफजदा हो गए हैं। स्थिति यह है कि मवेशियाें की सुरक्षा के लिए ग्रामीण सारी रात जाग कर पहरा दे रहे हैं।
यह स्थिति जिले के तकरीबन सभी थाना क्षेत्रों में है। सोमवार को मवेशियाें की चोरी से गुस्साए लोगों ने एसपी सिटी का घेराव कर उन्हें पत्रक सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस सजग नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
मवेशियाें की तस्करी खासकर मीरगंज, रामपुर, बरसठी, मुंगराबादशाहपुर, सुजानगंज, महराजगंज, बदलापुर, बक्शा, सिंगरामऊ, खुटहन, सरपतहा, खेतासराय, सरायख्वाजा, केराकत, चंदवक, जलालपुर आदि थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो
रही है। कहीं न कहीं तस्करों और चोरों को पुलिस का सह भी प्राप्त हो रहा है। कहने को तो पुलिस सड़कों पर रात में गश्त करती है लेकिन उन्हें तस्कर दिखाई नहीं देते। कभी कोई गाड़ी रात में मिल भी गई तो सिपाही उनसे मामला
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तय कर लेते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई से अब तक जिले भर में करीब पांच सौ मवेशियाें को लादकर तस्कर उठा ले गए। इसमें अकेले केराकत, चंदवक थाना क्षेत्र से 200 मवेशी शामिल हैं। ग्रामीणों की मानें तो अधिकतर
मामले में पुलिस केस दर्ज नहीं करती है । उनका सीधा आरोप है कि तस्करों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के सामने ही पशुओं से लदी गाडिय़ां गुजरती हैं लेकिन सिपाही बोलते नहीं हैं। सूचना देने पर भी उनका पीछा नहीं करते।
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यह स्थिति जिले के तकरीबन सभी थाना क्षेत्रों में है। सोमवार को मवेशियाें की चोरी से गुस्साए लोगों ने एसपी सिटी का घेराव कर उन्हें पत्रक सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस सजग नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
मवेशियाें की तस्करी खासकर मीरगंज, रामपुर, बरसठी, मुंगराबादशाहपुर, सुजानगंज, महराजगंज, बदलापुर, बक्शा, सिंगरामऊ, खुटहन, सरपतहा, खेतासराय, सरायख्वाजा, केराकत, चंदवक, जलालपुर आदि थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से हो
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रही है। कहीं न कहीं तस्करों और चोरों को पुलिस का सह भी प्राप्त हो रहा है। कहने को तो पुलिस सड़कों पर रात में गश्त करती है लेकिन उन्हें तस्कर दिखाई नहीं देते। कभी कोई गाड़ी रात में मिल भी गई तो सिपाही उनसे मामला
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तय कर लेते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई से अब तक जिले भर में करीब पांच सौ मवेशियाें को लादकर तस्कर उठा ले गए। इसमें अकेले केराकत, चंदवक थाना क्षेत्र से 200 मवेशी शामिल हैं। ग्रामीणों की मानें तो अधिकतर
मामले में पुलिस केस दर्ज नहीं करती है । उनका सीधा आरोप है कि तस्करों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के सामने ही पशुओं से लदी गाडिय़ां गुजरती हैं लेकिन सिपाही बोलते नहीं हैं। सूचना देने पर भी उनका पीछा नहीं करते।