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मुंबई के इंजीनियर ने आंकी शास्त्री पुल की मजबूती

Fri, 10 Jul 2020 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 10:57 PM IST
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Mumbai engineer strengthened Shastri bridge
जौनपुर। शहर में गोमती नदी पर बने शास्त्री पुल और बदलापुर-सुजानगंज मार्ग पर कोल्हुआ के पास सई नदी पर बने पुल की जांच के लिए सेतु निगम की टीम शुक्रवार को जौनपुर पहुंची। मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट के साथ आए इंजीनियरों की टीम ने पुल की ऊपरी सतह से लेकर रेलिंग, पिलर, स्लीपर आदि की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। दोनों पुलों की जांच पूरी होने में दो से तीन दिन का वक्त लग सकता है। जांच यूनिट की रिपोर्ट के अनुसार पुलों की मरम्मत कराई जाएगी। जांच के दौरान पुल के मध्य मशीनें खड़े होने से दोनों तरफ लंबा जाम लगा रहा।
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प्रदेश सरकार ने 70 से 80 के दशक के बीच बने पुराने पुलों की जांच के निर्देश दिए हैं। जौनपुर में वर्ष 77 में दो पुलों का निर्माण हुआ था। शास्त्री पुल का शिलान्यास चार जनवरी 1977 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की मौजूदगी में संजय गांधी ने किया था। उसी साल यह पुल बन भी गया। 1977 में ही बदलापुर-सुजानगंज मार्ग पर कोल्हुआ के पास सई नदी का पुल भी बनकर तैयार हुआ था। दोनों पुलों की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। कोल्हुआ के पास सई नदी पर बने पुल का एक हिस्सा दो साल पहले बारिश में टूट गया था। जिसके चलते करीब छह महीने तक पुल से अवागमन बंद कर दिया गया था। मरम्मत के बाद उसे दोबारा चालू किया गया। सेतु निगम के सहायक अभियंता सोवर सिंह के साथ आई इंजीनियरों की टीम एमबीआईयू (मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट) लेकर पुल पर पहुंची। गाड़ी में लगी लिफ्ट के सहारे इंजीनियरों की टीम ने पुलि के निचले हिस्से में ड्रिल करके कंकरीट और मिट्टी के नमूने कई स्थानों से लिए।
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शाही पुल की नहीं होगी जांच
करीब 43 साल पुराने शास्त्री पुल की जांच की जा रही है लेकिन 456 साल पुराने शाही पुल की अभी भी जांच की कोई जरूरत नहीं महसूस की गई है। शाही पुल का निर्माण अकबर के शासन काल में 1564 में मुनइन खान खाना ने कराया था। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर मानस श्रीवास्तव का कहना है कि पुराने शाही पुल की जांच के लिए अगर कोई आवश्यकता होगी तो पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अपने विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखेंगे। वहां से अगर कोई निर्देश होगा तो जांच कराई जाएगी।
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