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Jaunpur News: बड़ागांव में लगा सचल ग्राम न्यायालय, सुनी गईं समस्याएं
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शाहगंज - बडागांव स्थिति प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों की समस्या सुनते न्यायाधीश। संवाद
‘न्याय चला निर्धन के द्वार’ अभियान
शाहगंज। ‘न्याय चला निर्धन के द्वार’ अभियान के तहत क्षेत्र के बड़ागांव में सचल ग्राम न्यायालय का आयोजन किया गया। ग्रामीण न्यायालय तहसील के न्यायाधीश विपिन कुमार चौरसिया ने ग्राम न्यायालय में बैठकर गरीब और कमजोर तबके के लोगों की समस्याएं सुनीं।
जज ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही कई मामलों में आवश्यक निर्देश दिए। कहा कि ग्राम न्यायालय का उद्देश्य गांव-देहात के लोगों को उनके घर के पास ही सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक तंगी या दूरी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। ग्राम न्यायालय में पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, इनमें आपसी विवाद, छोटे-मोटे दीवानी मामले और सामाजिक प्रकृति के प्रकरण शामिल रहे।
न्यायाधीश ने संबंधित पक्षों को आपसी सुलह के माध्यम से विवाद निपटाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने गांव में ही न्यायालय लगने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे उन्हें तहसील और न्यायालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आयोजन के दौरान न्यायिक कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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शाहगंज। ‘न्याय चला निर्धन के द्वार’ अभियान के तहत क्षेत्र के बड़ागांव में सचल ग्राम न्यायालय का आयोजन किया गया। ग्रामीण न्यायालय तहसील के न्यायाधीश विपिन कुमार चौरसिया ने ग्राम न्यायालय में बैठकर गरीब और कमजोर तबके के लोगों की समस्याएं सुनीं।
जज ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही कई मामलों में आवश्यक निर्देश दिए। कहा कि ग्राम न्यायालय का उद्देश्य गांव-देहात के लोगों को उनके घर के पास ही सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक तंगी या दूरी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। ग्राम न्यायालय में पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, इनमें आपसी विवाद, छोटे-मोटे दीवानी मामले और सामाजिक प्रकृति के प्रकरण शामिल रहे।
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न्यायाधीश ने संबंधित पक्षों को आपसी सुलह के माध्यम से विवाद निपटाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने गांव में ही न्यायालय लगने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इससे उन्हें तहसील और न्यायालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आयोजन के दौरान न्यायिक कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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