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Jaunpur News: मिर्जापुर हादसा...
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मिर्जामुराद (वाराणसी)। मिर्जापुर जिले के कटका गांव के पास प्रयागराज-वाराणसी नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक और ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन सवार 10 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार की भोर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र की रामसिंहपुर ग्राम पंचायत की बीरबलपुर बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों को उनके परिजनों की मौत की जानकारी मिली तो चौतरफा चीख-पुकार मच गई।
रोते-बिलखते ग्रामीण एक-दूसरे को ढाढ़स बंधाते हुए घटनास्थल की ओर भागे। हादसे में जान गंवाने वालों में दो सगे भाई, गर्भवती महिला का पति और अपने मां-बाप के इकलौते बेटे भी शामिल हैं। भदोही जिले के औराई के पास तिवरी में मकान की छत की ढलाई कर रामसिंहपुर ग्राम पंचायत की बीरबलपुर बस्ती में रहने वाले 13 मजदूर और मेठ बृहस्पतिवार की रात ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन और बाइक पर सवार होकर घर आ रहे थे। कटका गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक और फिर ट्रैक्टर पर जोरदार टक्कर मारी। हादसे में सगे भाई अनिल कुमार (35) और सूरज (22) के अलावा अपने मां-बाप के इकलौते बेटे सनोहर (25) व राकेश कुमार उर्फ मुन्ना (25) की मौत हो गई। राकेश की पत्नी पूजा इन दिनों गर्भवती है।
इसके अलावा मिक्सर मशीन के मालिक भानू प्रताप (25), विकास कुमार (20), प्रेम कुमार (40), राहुल कुमार उर्फ टिल्लू (26), नितिन कुमार (20) और रोशन कुमार (17) की भी मौत हो गई। हादसे में आकाश कुमार (18), जमुनी (26), सभाजीत (30) और अजय सरोज (50) घायल हुए हैं।
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10 बच्चों के पिता नहीं रहे, दो बच्चों की मां के बाद बाप की मौत
कटका गांव के पास हुए सड़क हादसे में 10 बच्चों के सिर से पिता के साया उठ गया। इनमें से दो बच्चे ऐसे हैं, जिनके सिर से मां के बाद पिता का साया भी उठ गया। अनिल कुमार के दो बेटे आकाश (10) और अमित (8) हैं। अनिल की पत्नी लक्ष्मी देवी की पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। हादसे के कारण दोनों बच्चों ने मां के बाद पिता को भी गंवा दिया। दो भाइयों में बड़े मिक्सर मशीन के मालिक भानू प्रताप की शादी चार साल पहले हुई। दो वर्षीय बेटी पीहू के पिता भानू की मौत के बाद पत्नी शशि और मां रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। दो भाइयों में बड़े अरुण कुमार की शादी तीन साल पहले हुई थी। नवासा में रहने वाला अरुण तीन साल के निहाल और आठ माह के अरमान का पिता था। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम कुमार के तीन बेटे और एक बेटी हैं। तीन भाइयों में सबसे बड़े प्रेम की पत्नी विमला देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। राकेश कुमार उर्फ मुन्ना तीन माह पहले गुजरात से अपने घर आया था। चार बहनों के इकलौते भाई राकेश का विवाह तीन साल पहले हुआ था। 11 माह के बेटे मयंक के पिता राकेश की गर्भवती पत्नी पूजा पति की मौत की सूचना पाकर बेहोश हो गई।
पढ़ाई के साथ घर के खर्च के लिए करते थे मजदूरी
कटका गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन छात्र भी थे। तीनों छात्र घर का खर्च चलाने के साथ ही पढ़ाई भी करते थे। छात्रों में विकास कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। वह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही मजदूरी करता था। विकास की मां अनीता देवी को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से संभाले हुए थे। नितिन कुमार चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता दौलत राम मजदूरी करते हैं और मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है। रोशन कुमार दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था। वह कक्षा नौ का छात्र था। पिता दीनानाथ फेरी का काम करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही रोशन की मां मंजू देवी घटनास्थल पर पहुंच गईं। ट्रैक्टर चालक सनोहर कुमार अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। अविवाहित सनोहर की दो बहनें संजनी और साधना हैं। पिता नंदू लाल मजदूरी करते हैं।
मनाना था बेटे का पहला जन्मदिन, होनी थी शादी
राकेश कुमार उर्फ मुन्ना के बेटे मयंक का पहला जन्मदिन 24 अक्तूबर को था। बेटे के पहले जन्मदिन के लिए राकेश जोर-शोर से तैयारी कर रहा था। इसी सिलसिले में वह गुजरात काम करने भी नहीं गया था। बेटे का पहला जन्मदिन मनाने के चक्कर में राकेश तीन महीने से स्थानीय स्तर पर ही काम खोज कर मजदूरी करता था। इसी तरह से सूरज दिल्ली में काम करता था। पिता हूबलाल के कहने पर 25 दिन पहले वह घर आया था। सूरज की शादी के लिए उसके पिता ने उसे घर बुलाया था। मगर, सूरज के शादी की तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
नहीं जले घरों के चूल्हे, नहीं सुनाई दीं मंदिरों की घंटियां
कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत के बाद रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को सिर्फ महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा था। पुरुष एक-दूसरे ढाढ़स बंधाने में जुटे हुए थे। पीड़ित परिवारों के साथ ही गांव के कई घरों में रात में भी चूल्हे नहीं जले। चट्टी-चौराहों पर ग्रामीण हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए सहम जा रहे थे। नवरात्र का दूसरा दिन होने के बावजूद इलाके के मंदिरों में कोई खास चहल-पहल और पूजा-पाठ होते हुए नहीं दिखा। ग्रामीण सिर्फ यही कह रहे थे कि रोजाना मेहनत कर खाने वालों के परिजनों के साथ घोर अनर्थ हुआ।
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रोते-बिलखते ग्रामीण एक-दूसरे को ढाढ़स बंधाते हुए घटनास्थल की ओर भागे। हादसे में जान गंवाने वालों में दो सगे भाई, गर्भवती महिला का पति और अपने मां-बाप के इकलौते बेटे भी शामिल हैं। भदोही जिले के औराई के पास तिवरी में मकान की छत की ढलाई कर रामसिंहपुर ग्राम पंचायत की बीरबलपुर बस्ती में रहने वाले 13 मजदूर और मेठ बृहस्पतिवार की रात ट्रैक्टर-मिक्सर मशीन और बाइक पर सवार होकर घर आ रहे थे। कटका गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से बाइक और फिर ट्रैक्टर पर जोरदार टक्कर मारी। हादसे में सगे भाई अनिल कुमार (35) और सूरज (22) के अलावा अपने मां-बाप के इकलौते बेटे सनोहर (25) व राकेश कुमार उर्फ मुन्ना (25) की मौत हो गई। राकेश की पत्नी पूजा इन दिनों गर्भवती है।
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इसके अलावा मिक्सर मशीन के मालिक भानू प्रताप (25), विकास कुमार (20), प्रेम कुमार (40), राहुल कुमार उर्फ टिल्लू (26), नितिन कुमार (20) और रोशन कुमार (17) की भी मौत हो गई। हादसे में आकाश कुमार (18), जमुनी (26), सभाजीत (30) और अजय सरोज (50) घायल हुए हैं।
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10 बच्चों के पिता नहीं रहे, दो बच्चों की मां के बाद बाप की मौत
कटका गांव के पास हुए सड़क हादसे में 10 बच्चों के सिर से पिता के साया उठ गया। इनमें से दो बच्चे ऐसे हैं, जिनके सिर से मां के बाद पिता का साया भी उठ गया। अनिल कुमार के दो बेटे आकाश (10) और अमित (8) हैं। अनिल की पत्नी लक्ष्मी देवी की पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। हादसे के कारण दोनों बच्चों ने मां के बाद पिता को भी गंवा दिया। दो भाइयों में बड़े मिक्सर मशीन के मालिक भानू प्रताप की शादी चार साल पहले हुई। दो वर्षीय बेटी पीहू के पिता भानू की मौत के बाद पत्नी शशि और मां रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। दो भाइयों में बड़े अरुण कुमार की शादी तीन साल पहले हुई थी। नवासा में रहने वाला अरुण तीन साल के निहाल और आठ माह के अरमान का पिता था। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेम कुमार के तीन बेटे और एक बेटी हैं। तीन भाइयों में सबसे बड़े प्रेम की पत्नी विमला देवी की हालत बेसुधों जैसी थी। राकेश कुमार उर्फ मुन्ना तीन माह पहले गुजरात से अपने घर आया था। चार बहनों के इकलौते भाई राकेश का विवाह तीन साल पहले हुआ था। 11 माह के बेटे मयंक के पिता राकेश की गर्भवती पत्नी पूजा पति की मौत की सूचना पाकर बेहोश हो गई।
पढ़ाई के साथ घर के खर्च के लिए करते थे मजदूरी
कटका गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीन छात्र भी थे। तीनों छात्र घर का खर्च चलाने के साथ ही पढ़ाई भी करते थे। छात्रों में विकास कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा और अविवाहित था। वह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही मजदूरी करता था। विकास की मां अनीता देवी को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से संभाले हुए थे। नितिन कुमार चार भाइयों में तीसरे नंबर का था और 11वीं कक्षा का छात्र था। पिता दौलत राम मजदूरी करते हैं और मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है। रोशन कुमार दो भाई और एक बहन में सबसे छोटा था। वह कक्षा नौ का छात्र था। पिता दीनानाथ फेरी का काम करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही रोशन की मां मंजू देवी घटनास्थल पर पहुंच गईं। ट्रैक्टर चालक सनोहर कुमार अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। अविवाहित सनोहर की दो बहनें संजनी और साधना हैं। पिता नंदू लाल मजदूरी करते हैं।
मनाना था बेटे का पहला जन्मदिन, होनी थी शादी
राकेश कुमार उर्फ मुन्ना के बेटे मयंक का पहला जन्मदिन 24 अक्तूबर को था। बेटे के पहले जन्मदिन के लिए राकेश जोर-शोर से तैयारी कर रहा था। इसी सिलसिले में वह गुजरात काम करने भी नहीं गया था। बेटे का पहला जन्मदिन मनाने के चक्कर में राकेश तीन महीने से स्थानीय स्तर पर ही काम खोज कर मजदूरी करता था। इसी तरह से सूरज दिल्ली में काम करता था। पिता हूबलाल के कहने पर 25 दिन पहले वह घर आया था। सूरज की शादी के लिए उसके पिता ने उसे घर बुलाया था। मगर, सूरज के शादी की तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
नहीं जले घरों के चूल्हे, नहीं सुनाई दीं मंदिरों की घंटियां
कटका गांव के पास सड़क हादसे में बीरबलपुर बस्ती के 10 लोगों की मौत के बाद रामसिंहपुर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को सिर्फ महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा था। पुरुष एक-दूसरे ढाढ़स बंधाने में जुटे हुए थे। पीड़ित परिवारों के साथ ही गांव के कई घरों में रात में भी चूल्हे नहीं जले। चट्टी-चौराहों पर ग्रामीण हादसे की भयावहता का जिक्र करते हुए सहम जा रहे थे। नवरात्र का दूसरा दिन होने के बावजूद इलाके के मंदिरों में कोई खास चहल-पहल और पूजा-पाठ होते हुए नहीं दिखा। ग्रामीण सिर्फ यही कह रहे थे कि रोजाना मेहनत कर खाने वालों के परिजनों के साथ घोर अनर्थ हुआ।