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वाराणसी में नहीं उतरने दिए थे मायावती का हेलीकॉप्टर

Tue, 31 Aug 2021 10:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 10:17 PM IST
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Mayawati's helicopter was not allowed to land in Varanasi
गो सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता डा. केपी यादव हमेशा संघर्ष की राजनीति कर रहे। सपा से जुड़कर जनता के हित में लगातार आवाज उठाते रहे। वह अपने राजनीतिक जीवन में 36 बार गिरफ्तार हुए। जिसमें से 12 बार तो उन्हें जेल तक जाना पड़ा था।
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डा. केपी यादव को 1993 में बीएचयू से सपा युवजन सभा का अध्यक्ष बनाया गया था। इनकी सक्रियता को देखते हुए मुलायम सिंह यादव ने कई प्रदेशों में पार्टी के गठन तक की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी। 1995 में सपा-बसपा गठबंधन टूटने के बाद मायावती ने वाराणसी के सीर गोवर्धन गांव की कीमती जमीन पर रविदास पार्क बनाने का निर्णय लिया था, जिसके शिलान्यास के लिए वह हेलीकॉप्टर से जाने वाली थीं। इसकी जानकारी मुलायम सिंह को हुई थी। उन्होंने मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी डॉ. केपी सिंह को दे दी थी। उस दौरान केपी यादव किसानों की लड़ाई गांव में रहकर कई दिनों तक लड़े थे। इसी का परिणाम रहा कि विरोध के कारण हेलीकॉप्टर से शिलान्यास करने पहुंची मुख्यमंत्री मायावती भदोही चली गईं थीं। इसके डॉ केपी यादव का कद पार्टी और जनता में काफी बढ़ गया, जो कुछ लोगों को रास नहीं आई थी। इसका जिक्र उन्होंने खुद किया था। परिवार और पार्टी से जुड़े लोग बताते हैं कि उस दौरान कुछ लोगों ने बदमाशों को उनकी सुपारी दे थी, जिस पर 5 जनवरी 1998 में उनके ऊपर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। इस वारदात में केपी यादव को चार गोली लगी थी।
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