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माध्यमिक विद्यालयों के जांच की तैयारी
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जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों के नियुुुक्ति का खुलासा होने के बाद अब माध्यमिक विद्यालय की जांच कराने की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यालय वार शिक्षकों का खाका तैयार किया जा रहा है। जिले के वित्तपोषित, राजकीय और उच्चीकृत विद्यालयों के शिक्षकों का विवरण जुटाया जा रहा है। इन विद्यालयों में करीब 1996 शिक्षक तैनात है।
जिले में 150 वित्तपोषित विद्यालय, राजकीय विद्यालय 4 और उच्चीकृत विद्यालयों की संख्या 26 है। इन विद्यालयों में करीब 1996 शिक्षक तैनात हैं। यह बात अलग है कि 1984 के विद्यालयों में शिक्षका का पद सृजित नहीं हुआ है। विद्यालयों में उस दौरान छात्रों की संख्या के आधार पर पद का सृजन हुआ था। विद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों की कमी हुई है। शिक्षकों की संख्या पर नजर डाली जाए तो महज 40 प्रतिशत सृजित पदों पर शिक्षक तैनात है। शेष 60 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वित्तपोषित विद्यालयों में तो शिक्षकों की हालत तो कुछ हद तक ठीक है लेकिन राजकीय और उच्चीकृत विद्यालयों की हालत दयनीय है। 150 स्ववित्तपोषित विद्यालय में 1876 शिक्षक तैनात हैं। जबकि चार राजकीय और 26 उच्चीकृत विद्यालयों में केवल 120 शिक्षक ही तैनात हैं। विद्यालय में पचास प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद खाली पडे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में फजीं शिक्षकों के नियुक्ति का खुलासा होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों के जांच की तैयारी चल रही है। शासन से निर्देश मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विद्यालय वार शिक्षकों का विवरण तैयार कराया जा रहा है।
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प्रवीण मणि तिवारी, जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर
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जिले में 150 वित्तपोषित विद्यालय, राजकीय विद्यालय 4 और उच्चीकृत विद्यालयों की संख्या 26 है। इन विद्यालयों में करीब 1996 शिक्षक तैनात हैं। यह बात अलग है कि 1984 के विद्यालयों में शिक्षका का पद सृजित नहीं हुआ है। विद्यालयों में उस दौरान छात्रों की संख्या के आधार पर पद का सृजन हुआ था। विद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों की कमी हुई है। शिक्षकों की संख्या पर नजर डाली जाए तो महज 40 प्रतिशत सृजित पदों पर शिक्षक तैनात है। शेष 60 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वित्तपोषित विद्यालयों में तो शिक्षकों की हालत तो कुछ हद तक ठीक है लेकिन राजकीय और उच्चीकृत विद्यालयों की हालत दयनीय है। 150 स्ववित्तपोषित विद्यालय में 1876 शिक्षक तैनात हैं। जबकि चार राजकीय और 26 उच्चीकृत विद्यालयों में केवल 120 शिक्षक ही तैनात हैं। विद्यालय में पचास प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद खाली पडे हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में फजीं शिक्षकों के नियुक्ति का खुलासा होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों के जांच की तैयारी चल रही है। शासन से निर्देश मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विद्यालय वार शिक्षकों का विवरण तैयार कराया जा रहा है।
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प्रवीण मणि तिवारी, जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर