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Jaunpur News: थाइलैंड में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया म्यांमार, कराने लगे साइबर ठगी
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थाइलैंड में नाैकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने युवक को म्यांमार भेज दिया। आरोप है कि वहां पर साइबर ठगी के काम में लगाया गया। अमेरिकी लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर ठगी कराई जाती थी। धोखे का अहसास होने पर पीड़ित ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया तो उसकी वापसी सकशुल हाे सकी। पुलिस ने वाराणसी निवासी आरोपी एजेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
केराकत थाना क्षेत्र के नाऊपुर गांव निवासी आकाश सिंह ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर एक एजेंट पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी और अवैध कार्य कराने का आरोप लगाया है। बताया कि वह नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। इसी बीच उसका संपर्क रजत सिंह निवासी बसही बाबतपुर, थाना फूलपुर वाराणसी से हुआ। रजत सिंह ने थाईलैंड में नौकरी दिलाने की बात कहते हुए उससे डेढ़ लाख रुपये ले लिए।
पीड़ित के अनुसार, इस साल जनवरी में उसे थाईलैंड भेजा गया, वहां एयरपोर्ट पर एक महिला एजेंट मिली और कंपनी ले जाने के नाम पर वाहन में बैठा दिया गया। रास्ते में राजस्थान के कन्हैया नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उसे गाइड किया। करीब 250 किलोमीटर दूर ले जाकर नदी पार कराकर उसे म्यांमार के केके पार्क पहुंचा दिया गया, जहां चीनी नागरिक कंपनी चला रहे थे।
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आकाश सिंह का आरोप है कि वहां उसे नौकरी के नाम पर साइबर ठगी के काम में लगा दिया गया। अमेरिका में रह रहे लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर ठगी कराई जाती थी। डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया, लेकिन कभी, बहुत कम और कई बार तो कोई भुगतान नहीं किया गया। उसने एजेंट रजत सिंह से संपर्क कर भारत लौटने की बात कही। आरोप है कि एजेंट ने उसके परिजनों से करीब दो लाख साठ हजार रुपये और ले लिए।
पीड़ित ने बताया कि बाद में उसने भारतीय दूतावास से संपर्क किया। अक्तूबर में अचानक कंपनी संचालक और चीनी नागरिक फरार हो गए। सूचना मिली कि वहां छापा पड़ने वाला है। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय मिलिट्री की मदद से उसे थाईलैंड भेजा गया और वहां से नोएडा होते हुए भारत लाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच और आरोपी की तलाश की जा रही है।
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केराकत थाना क्षेत्र के नाऊपुर गांव निवासी आकाश सिंह ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर एक एजेंट पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी और अवैध कार्य कराने का आरोप लगाया है। बताया कि वह नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। इसी बीच उसका संपर्क रजत सिंह निवासी बसही बाबतपुर, थाना फूलपुर वाराणसी से हुआ। रजत सिंह ने थाईलैंड में नौकरी दिलाने की बात कहते हुए उससे डेढ़ लाख रुपये ले लिए।
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पीड़ित के अनुसार, इस साल जनवरी में उसे थाईलैंड भेजा गया, वहां एयरपोर्ट पर एक महिला एजेंट मिली और कंपनी ले जाने के नाम पर वाहन में बैठा दिया गया। रास्ते में राजस्थान के कन्हैया नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उसे गाइड किया। करीब 250 किलोमीटर दूर ले जाकर नदी पार कराकर उसे म्यांमार के केके पार्क पहुंचा दिया गया, जहां चीनी नागरिक कंपनी चला रहे थे।
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आकाश सिंह का आरोप है कि वहां उसे नौकरी के नाम पर साइबर ठगी के काम में लगा दिया गया। अमेरिका में रह रहे लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर ठगी कराई जाती थी। डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन का वादा किया गया, लेकिन कभी, बहुत कम और कई बार तो कोई भुगतान नहीं किया गया। उसने एजेंट रजत सिंह से संपर्क कर भारत लौटने की बात कही। आरोप है कि एजेंट ने उसके परिजनों से करीब दो लाख साठ हजार रुपये और ले लिए।
पीड़ित ने बताया कि बाद में उसने भारतीय दूतावास से संपर्क किया। अक्तूबर में अचानक कंपनी संचालक और चीनी नागरिक फरार हो गए। सूचना मिली कि वहां छापा पड़ने वाला है। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय मिलिट्री की मदद से उसे थाईलैंड भेजा गया और वहां से नोएडा होते हुए भारत लाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच और आरोपी की तलाश की जा रही है।