UP: कैरी बैग का 16 रुपये लिया, लखनऊ के लुलु शॉपिंग मॉल पर 4516 रुपये का जुर्माना; मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप
Jaunpur News: जौनपुर उपभोक्ता आयोग ने लखनऊ के लुलु हाइपरमार्केट के मैनेजर को कैरी बैग के 16 रुपये अतिरिक्त वसूलने का दोषी ठहराया। आयोग ने उपभोक्ता को 16 रुपये लौटाने के साथ 1,500 रुपये मानसिक उत्पीड़न और 3,000 रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया। 45 दिन में भुगतान न होने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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UP News: 16 रुपये उपभोक्ता से कैरी बैग का अतिरिक्त लेना लखनऊ के लुलु शॉपिंग मॉल के मैनेजर को महंगा पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जौनपुर के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, सदस्य गीता ने परिवादी के परिवाद पर लुलु हाइपर मार्केट लुलु इंडिया शॉपिंग मॉल प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ प्रतिष्ठान के मैनेजर को दोषी पाया।
आदेश दिया कि उपभोक्ता को निर्णय के 45 दिन के भीतर कैरी बैग की कीमत 16 रुपये के अलावा मानसिक उत्पीड़न, अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए 1,500 रुपये व परिवाद व्यय के लिए 3,000 रुपये क्षतिपूर्ति अदा करें। नियत समय में क्षतिपूर्ति अदा न करने पर 6% वार्षिक ब्याज भी परिवादी को अदा करने के लिए विपक्षी उत्तरदायी होगा।
उमरपुर, रूहट्टा निवासी घनश्याम प्रसाद ओझा ने अधिवक्ता के माध्यम से लुलु हाइपर मार्केट लुलु इंडिया शॉपिंग मॉल प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ के मैनेजर के खिलाफ परिवाद दाखिल किया, जिसके मुताबिक 1 मार्च 2025 को परिवादी लखनऊ स्थित विपक्षी के प्रतिष्ठान से 669 रुपये का खाने पीने का सामान क्रय किया।
वहां क्रय मूल्य के अतिरिक्त 16 रुपये कैरी बैग का अतिरिक्त चार्ज लिया, जो सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार है। लुलु शॉपिंग मॉल के नियमानुसार ग्राहक कोई कैरी बैग लेकर अंदर नहीं जा सकता, ताकि ग्राहकों से कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क लिया जा सके।
सामानों की खरीदारी के दौरान व खरीदारी के पहले कैरी बैग के अतिरिक्त चार्ज की कोई सूचना वहां नहीं दी गई थी। परिवादी ने खरीदारी संबंधी रसीद इत्यादि दाखिल किया व राष्ट्रीय आयोग द्वारा 22 दिसंबर 2020 को दिए गए निर्णय का हवाला दिया।
विपक्षी प्रतिष्ठान के अधिवक्ता ने सूचना दिए जाने के फोटोग्राफ एवं कैरी बैग दाखिल किया। जिस पर परिवादी ने तर्क दिया कि लुलु इंडिया शॉपिंग मॉल के मुख्य प्रवेश द्वार पर कोई नोटिस बोर्ड नहीं लगा है। कैरी बैग पर उसकी कीमत भी नहीं लिखी है।
कैरी बैग बेचे जाने पर वह वस्तु की कैटेगरी में आएगा और ग्राहक को कैरी बैग की मुख्य विशेषताओं और उसकी कीमत को पहले ही जानने का अधिकार है। जिससे ग्राहक उसे खरीदने या न खरीदने का विकल्प चुन सके।
फोरम ने आदेश दिया कि सामान चुनने के बाद कैरी बैग की मुख्य विशेषताओं का खुलासा किए बिना विपक्षी कंपनी द्वारा निर्धारित कीमत पर कैरी बैग जबरदस्ती देते हुए उपभोक्ता को शर्मिंदगी और उत्पीड़न की स्थिति में डालते हुए अतिरिक्त लागत का बोझ डालना अनुचित है।
यदि विपक्षी स्वयं को जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का दावा करती है तो उन्हें कैरी बैग मुफ्त में देना चाहिए। विपक्षी अनुचित व्यापारिक व्यवहार का उपयोग कर देश भर में स्थित अपने सभी स्टोरों से भोले-भाले ग्राहकों से भारी मुनाफा कमा रहे हैं यह सेवा में कमी है।