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कल से पटरी पर लौटती दिखेगी जिंदगी

Sat, 18 Apr 2020 09:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2020 09:33 PM IST
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Life will be seen returning on track from tomorrow
03- शाम को शाही पुल पर पसरा रहा सन्नाटा पर रौशनी ने शाही पुल को और भी खुबसूरत बना दिया। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। तकरीबन एक माह से लॉक डाउन के कारण ठहरी हुई जिंदगी अब 20 अप्रैल के बाद पटरी पर लौटती नजर आएगी। शासन के निर्देशों के बाद कई ऐसे कार्यों को शुरू कराने की तैयारी है, जिससे जीवन की गाड़ी को रफ्तार मिलेगी। सरकारी दफ्तरों को 33 फीसदी उपस्थिति के साथ खोलने का आदेश हो चुका है। औद्योगिक इकाइयों का संचालन आरंभ होगा तो मनरेगा के तहत काम भी कराए जा सकेंगे। इन कार्यों के आरंभ होने से मजदूर तबके को सीधा फायदा होगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा केंद्रों के माध्यम से सरकार की सेवाओं को गांवों तक ऑनलाइन पहुंचाने की कवायद भी आरंभ कर दी गई है। इसके लिए संचालकों को पास जारी किए जा रहे हैं। इन सेवाओं की शुरुआत के साथ यह शर्त भी लगाई गई है कि हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, हैंडवॉश और सैनिटाइजर जैसी जरुरतों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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जिले में सतहरिया और सिधवन औद्योगिक क्षेत्र के अलावा जगदीशपुर, त्रिलोचन, सिद्दीकपुर व नाऊपुर में कुल 214 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। 22 मार्च को जनता कफ्र्यू के बाद 23 मार्च को इनका संचालन हुआ, लेकिन इसी दिन शाम को कोरोना का मरीज मिलने के बाद से जिले में पूरी तरह लॉक डाउन लागू कर दिया गया। इसके बाद से ही उद्योगों में ताले लगे हुए हैं। काम-काज ठप होने से मजदूरों के समक्ष भरण-पोषण की समस्या बनी हुई है। फैक्ट्री संचालकों ने शासन के दबाव के बाद जैसे-तैसे मार्च का तो वेतन सभी को उपलब्ध करा दिया, लेकिन अप्रैल में पूरी तरह बंदी के कारण वेतन उपलब्ध कराने में असमर्थता जता रहे हैं। ऐसे हाल में शासन ने कुछ शर्तों के साथ इकाइयों को चालू करने का निर्देश दिया है। कपड़ा, पेपर, चीनी मिल, सीमेंट, रसायन उर्वरक, आईटी, फाउंड्री सहित 11 श्रेणी के उद्योगों को सीमित मजदूरों के साथ काम शुरू कराने पर शासन ने सहमति दी है। इसके बाद इस श्रेणी में शामिल जिले की 21 इकाइयों को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र अनुमति देने में जुट गया है। उनके आवेदनों का सत्यापन कर 20 अप्रैल से फैक्ट्री को चलाने की मंजूरी दी गई है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के प्रभारी उपायुक्त एसएस रावत ने बताया कि सीमेंट उद्योग से जुड़े 11, स्टील की एक और ढलाई कार्य से जुड़े 9 इकाइयों को अब तक चालू करने की मंजूरी दी गई है। इनके अलावा राइस मिल, आटा मिल, फ्लोर मिल, दाल मिल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं से जुड़ी 33 इकाइयों का संचालन पूर्व में ही शुरू करा दिया गया है। उत्पादन शुरू होगा तो संचालकों की मुश्किलें दूर होंगी, मजदूरों को भी काम आसानी से मिल सकेगा।
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इन शर्तों के साथ चलेंगे उद्योग
* इकाई नगरीय सीमा से बाहर या औद्योगिक क्षेत्र में हो।
* इकाई में अधिकतम एक चौथाई मजदूरों के साथ काम लिया जाए।
* कार्यरत सभी मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
* मास्क, सैनिटाइजर और हैंडवॉश के लिए मौके पर व्यवस्था कराई जाएगी।
* वही मजदूर काम में लगेंगे, जौ फैक्ट्री परिसर या आसपास के क्षेत्र में हों।
अनुमति के लिए ऐसे करें आवेदन
उद्योग चलाने की अनुमति एडीएम वित्त और उपायुक्त उद्योग के संयुक्त हस्ताक्षर से ही जारी होगा। इसके लिए इकाई संचालक को विभाग के ई-मेल पर आवेदन पत्र मेल करना होगा। वह व्यक्तिगत रुप से भी उपस्थिति होकर अनुमति ले सकता है।
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शुरू होंगे मनरेगा के तहत रुके हुए काम
जौनपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की आजीविका का बड़ा स्रोत मनरेगा के तहत मजदूरी ही है। लॉक डाउन के कारण मनरेगा के काम भी पूरी तरह से बंद हो गए थे। नए निर्देशों के बाद अब मनरेगा से काम कराने की भी अनुमति दी गई है। इसके तहत जल संचयन के लिए तालाब खोदाई, सिंचाई, पशु आश्रय स्थल निर्माण व अन्य जरुरी आवश्यकताओं से जुड़े काम प्राथमिकता से कराए जाएंगे। जिले की 1749 ग्राम पंचायतों में करीब 80 हजार मनरेगा मजदूर हैं। यह काम पर लौटे तो पलायन के कारण गांवों में रोजगार की बिगड़ी स्थिति में सुधार होगा। उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लॉक डाउन के बाद से तालाब खोदाई का काम पूरी तरह ठप हो गया था। पहले इसे ही शुरू कराया जाएगा। शासन के निर्देशों के बाद संबंधित बीडीओ को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र में मनरेगा के कार आरंभ कराने को कहा गया है। अगर कोई श्रमिक काम की मांग करता है तो उसे हर हाल में काम उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क लगाकर काम करना होगा। प्रधान और सचिव साबुन और पानी की व्यवस्था करेंगे, जिससे हर घंटे में मजदूरों का हाथ धुलवाया जा सके।

कल से कॉमन सर्विस सेंटर भी खुलेंगे
जौनपुर। गांवों में सरकार की ऑनलाइन सेवाओं को पहुंचाने में कॉमन सर्विस सेंटर का बड़ी भूमिका है। लिहाजा शासन ने मान्यता प्राप्त जनसेवा केंद्रों को भी 20 अप्रैल से शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में शनिवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने सभी जनसेवा केंद्र संचालकों को कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम से संपर्क कर पास बनवाने का निर्देश दिया है। उन्हें अपने केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजर आदि पाबंदियों का सख्ती से पालन कराना होगा। जनसेवा केंद्रों के चालू होने से गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन, ई-चालान, बिल भुगतान सहित कई अन्य कार्य आसानी से हो सकेंगे।
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